लोकपाल बिल पर राज्यों से राय मांगी

पी चिदंबरम
Image caption चिदंबरम ने कहा कि बिल का मसौदा 30 जून तक तैयार कर लिया जाएगा

लोकपाल बिल का मसौदा तैयार करने के लिए बनी संयुक्त समिति के सरकारी सदस्य वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने बिल पर राय मांगने के लिए राज्यों के मुख्यमंत्रियों और राजनीतिक दलों को पत्र लिखा है.

इसकी जानकारी मसौदा समिति के सदस्यों, कैबिनेट मंत्रियों कपिल सिब्बल और पी चिदंबरम ने दी.

पी चिदबंरम ने पत्रकारों को बताया कि समिति के सदस्यों का एक सुझाव ये भी था कि राष्ट्रीय स्तर पर लोकपाल के अलावा प्रत्येक राज्य में एक लोकायुक्त का भी प्रावधान होना चाहिए.

उन्होंने कहा,"ज़ाहिर है कि अगर संसदीय बिल में लोकायुक्त का प्रावधान होगा तो उसके लिए राज्यों की राय भी लेनी पड़ेगी. इसके अलावा जो भी ड्राफ़्ट सामने आएगा उसे संसद के दोनों सदनों में पास करवाना होगा.इसलिए राजनीतिक दलों से राय लेना भी ज़रुरी है."

चिदबंरम ने साथ ही कहा कि प्रधानमंत्री के पद को लोकपाल के दायरे में लाने के मुद्दे पर हाँ या नहीं में जवाब नहीं दिया जा सकता.

ये कहते है हुए कि अभी किसी भी मुद्दे पर कोई अंतिम राय नहीं बनाई गई है चिदंबरम ने कहा,"ये हाँ या नहीं का विकल्प नहीं है. विकल्प हाँ या नहीं, या हाँ लेकिन शर्तों के साथ भी हो सकता है."

मतभेद

प्रणब मुखर्जी ने छह मुद्दों पर राज्यों के मुख्यमंत्रियों और राजनीतिक दलों के नेताओं से राय मांगी है.

लेकिन चिदंबरम ने कहा कि मुख्यमंत्री या राजनीतिक पार्टियां इन मुद्दों से हटकर भी अपनी राय रख सकती हैं.

केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री और मसौदा समिति के सदस्य कपिल सिब्बल ने कहा कि कुछ मुद्दों को लेकर सिविल सोसाइटी के बीच आम सहमति नहीं है.

कपिल सिब्बल ने कहा,"जब हम एक ऐसा कानून बनाने जा रहे हैं जिसका लक्ष्य ये है कि भ्रष्टाचार को ख़त्म करना है तो हमें ये भी देखना होगा हमारे मौजूदा संवैधानिक ढांचे को कोई चोट ना पहुंचे."

गृह मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि इस समय बिल का पहले बना मसौदा क़ानून मंत्रालय ने बनाया है जिस पर अन्य विभाग और मंत्रालय अपने विचार रख रहे हैं और मसौदे के दायरे में प्रधानमंत्री नहीं है.

दोनों मंत्रियों ने कहा कि उन्हें यकीन है कि 30 जून तक लोकपाल बिल का मसौदा तैयार कर लिया जाएगा.

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