अन्ना के साथ अनशन करूंगा: रामदेव

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एक बार फिर दिल्ली का रुख़ कर रहे योग गुरु बाबा रामदेव को उत्तर प्रदेश के मुज़्ज़फ़रनगर से ही वापस भेज दिया गया है. हरिद्वार पहुंचकर उन्होंने कहा है कि यदि दिल्ली जाने की अनुमति मिली तो अन्ना हज़ारे के साथ अनशन पर बैठेंगे.

उन्होंने कहा कि फ़िलहाल उन्हें दिल्ली जाने की अनुमति नहीं है.

हरिद्वार में पत्रकारों को संबोधित करते हुए उनहोंने कहा,"मैं वहाँ नहीं जा सकता पर देश को लूटने वाले वहाँ बैठते हैं."

बाबा रामदेव का कहना था कि वो अपना अनशन हरिद्वार से ही जारी रखेंगे.

अन्ना का अनशन

इसके पहले अन्ना हज़ारे ने रामलीला मैदान पर हुई पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि आठ जून को वे और उनके समर्थक एक दिन के अनशन पर बैठेंगे.

साथ ही लोकपाल विधेयक पर बनि समिति के सदस्य शांति भूषण ने कहा है कि विरोध स्वरूप लोकपाल की संयुक्त ड्राफ़्टिंग समिति की छह जून की बैठक में नागरिक समाज के सदस्य हिस्सा नहीं लेंगे. उन्होंने कहा कि दोबारा बैठक होगी तो इसका सीधा प्रसारण करना होगा.

दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में अन्ना ने कहा, "ये लोकशाही पर हमला है. लगता है कि भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ फिर से देश में बड़ा आंदोलन शुरु करना होगा. भ्रष्टाचार ख़त्म करने को लेकर सरकार उदासीन है."

जब अन्ना से पूछा गया कि क्या बाबा रामदेव भी उनके साथ अनशन पर बैठेगें तो उन्होंने कि अभी कुछ मुद्दें हैं जिन पर चर्चा के बाद ही फ़ैसला किया जाएगा.

'लोकतंत्र पर कलंक'

इससे पहले दिन में बाबा रामदेव दिल्ली से देहरादून और फिर हरिद्वार पहुँचे तो उन्होंने कहा था कि देश भर में शांतिपूर्वक धरने, प्रदर्शन और अनशन होंगे. उन्होंने कहा कि वे वापस ज़रूर जाएँगे और दिल्ली या दिल्ली के पास सत्याग्रह के लिए बैठेंगे.

रामदेव ने कहा है कि उनका अनशन जारी है. शनिवार रात की घटनाओं का ब्यौरा देते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस ने वहाँ लाठियाँ ही नहीं, गोलियाँ भी चलाईं.

बाबा ने कहा, "सरकार को जवाब देना होगा कि उसने ऐसा बर्बर बर्ताव क्यों किया. कई लोग अब तक लापता हैं. कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. एक महिला कार्यकर्ता आईसीयू में है. दिल्ली पुलिस झूठ बोल रही है कि मेरी जान को खतरा था. मुझे खतरा तो उन पुलिस वालों से था जो मुझे पकड़ने आए थे."

हिरासत में लिए जाने के बाद की घटनाओं के बारे में रामदेव ने बताया कि उन्हें रात को किसी हवाईअड्डे पर रखा गया था.

विपक्षी पार्टियों के समर्थन के लिए रामदेव ने भाजपा नेताओं, मायावती, नितिश कुमार और चंद्रबाबू नायडू समेत कई नेताओं का धन्यवाद किया.

रामदेव को हिरासत में लेकर पुलिस ने रविवार सुबह विशेष विमान के ज़रिए देहरादून पहुँचाया था. वहाँ से हरिद्वार पहुँचने के बाद रामदेव दो बार मीडिया को संबोधित कर चुके हैं.

शनिवार देर रात योग गुरु रामदेव और उनके हज़ारों समर्थकों के ख़िलाफ़ पुलिस की कार्रवाई पर भाजपा ने 24 घंटे के सत्याग्रह का आहवान किया है और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने कार्रवाई की निंदा की है. भारतीय जनता पार्टी के नेता लालकृष्ण आडवाणी ने संसद का आपातकालीन सत्र बुलाने की मांग की है.

रामदेव समर्थकों को जबरन हटाया गया - पढ़ें

पुलिस की कार्रवाई

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विदेशों में जमा काले धन के मुद्दे पर दिल्ली में अनशन पर बैठे योग गुरु स्वामी रामदेव और उनके समर्थकों को पुलिस ने शनिवार देर रात झड़पों, अफ़रा-तफ़री और आंसू गैस के गोलों के बीच नाटकीय ढंग से रामलीला मैदान से हटा दिया था.

देर रात हुई कार्रवाई के दौरान हज़ारों पुलिसकर्मियों ने रामलीला मैदान पर लोगों को घेर लिया, स्वामी रामदेव को जबरन वहाँ से हटा दिया और वहाँ जमा हुए लोगों पर आँसू गैस के गोले बरसाए गए. वहाँ से खदेड़े गए अनेक लोगों ने पुलिस पर बल प्रयोग का आरोप लगाया है जबकि दिल्ली के पुलिस आयुक्त ने इसका खंडन किया है.

रामदेव का कहना था, "हमें सूचनाएं मिल चुकी थीं कि सरकार का आदेश है कि रामदेव को गिरफ़्तार करके या तो एनकांउटर किया जाए, या गायब कर दिया जाए. श्रीमती (सोनिया) गांधी इस देश के बच्चों से, माटी से, लोगों से प्यार नहीं करती हैं. ये क्रूर कृत्य है. राष्ट्रभक्त साधुओं को हत्यारा, आतंकवादी कहा जाता है."

उन्होंने कहा, "मेरे जीवन पर किसी भी ख़तरे की ज़िम्मेदार सोनिया गाँधी और केंद्र सरकार होगी. चार जून की रात इतिहास की सबसे काली रात है... निहत्थे लोगों के साथ बर्बरतापूर्ण व्यवहार हुआ है."

तस्वीरें: रामदेव, समर्थकों के ख़िलाफ़ कार्रवाई

पुलिस का रुख़

पुलिस ने कहा है कि जिन शर्तों पर योग शिविर लगाने की इजाज़त दी गई थी उनका उल्लंघन हुआ और पांच हज़ार की जगह 50-60 हज़ार लोग जमा हो गए इसलिए शिविर लगाने की इजाज़त को रद्द कर दिया गया.

रामलीला मैदान में मौजूद पुलिस आयुक्त बीके गुप्ता ने कहा, "हमने आंसू गैस के अलावा किसी प्रकार का बलप्रयोग नहीं किया है. उन्हें दी गई इजाज़त तुरंत प्रभाव से रद्द की जाती है. बाबा रामदेव को गिरफ़्तार नहीं किया गया है. उन्हें सुरक्षा चिंताओं की वजह से यहां से हटाया गया है. "

रविवार सुबह पूरे इलाक़े में धारा 144 लागू थी और रामलीला मैदान पर योग शिविर पंडाल खाली पड़ा था जबकि फटी हुई दरियाँ, बैनर, टूटे बैरिकेड रात में हुई नाटकीय घटनाओं के गवाह थे. लेकिन कई जगहों से आए स्वामी रामदेव के हज़ारों समर्थक अब भी दिल्ली शहर में जगह-जगह पर फैले हुए हैं.

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