नाटकीय ढ़ंग से रामदेव, समर्थकों को जबरन हटाया गया

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दिल्ली के रामलीला मैदान में अनशन पर बैठे योग गुरु स्वामी रामदेव और उनके हज़ारों समर्थकों को पुलिस ने शनिवार देर रात अफ़रा-तफ़री और आंसू गैस के गोले चलाने के बीच नाटकीय ढंग से हटा दिया.

पुलिस का कहना है स्वामी रामदेव को गिरफ़्तार नहीं किया गया है और उन्हें किसी 'सुरक्षित स्थान' पर ले जाया गया है. विदेशों में भारतीयों के काले धन को भारत वापस लाने के मुद्दे पर आमरन अनशन पर बैठे स्वामी रामदेव के हज़ारों समर्थक भी रामलीला मैदान में जम हुए थे.

तस्वीरें: रामदेव, समर्थकों के ख़िलाफ़ कार्रवाई

देर रात हुई कार्रवाई के दौरान हज़ारों पुलिसकर्मियों ने रामलीला मैदान पर लोगों को घेर लिया, स्वामी रामदेव को जबरन वहाँ से हटा दिया और वहाँ जमा हुए लोगों पर आँसू गैस के गोले बरसाए गए.

वहाँ से खदेड़े गए अनेक लोगों ने पुलिस पर बल प्रयोग का आरोप लगाया है जबकि दिल्ली के पुलिस आयुक्त ने इसका खंडन किया है.

पुलिस ने कहा है कि जिन शर्तों पर योग शिविर लगाने की इजाज़त दी गई थी उनका उल्लंघन हुआ और पांच हज़ार की जगह 50-60 हज़ार लोग जमा हो गए इसलिए शिविर लगाने की इजाज़त को रद्द कर दिया गया.

रविवार सुबह पूरे इलाक़े में धारा 144 लागू थी और रामलीला मैदान पर योग शिविर पंडाल खाली पड़ा था जबकि फटी हुई दरियाँ, बैनर, टूटे बैरिकेड रात में हुई नाटकीय घटनाओं के गवाह थे. लेकिन कई जगहों से आए स्वामी रामदेव के हज़ारों समर्थक अब भी दिल्ली शहर में जगह-जगह पर फैले हुए हैं.

भीषण अफ़रा-तफ़री, आसू गैस के गोले

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Image caption अनेक वृद्ध लोगों और महिलाओं को भी जबरन पंडाल से हटाया गया

शनिवार रात भारतीय समयानुसार क़रीब डेढ़ बजे रामलीला मैदान में तब अफ़रा-तफ़री मच गई जब स्वामी रामदेव ने घोषणा की कि पुलिस उन्हें गिरफ़्तार करने आई है. उन्होंने इस पर कड़ी आपत्ति जताई.

इस बीच पत्रकारों के जवामड़े के बीच स्वामी रामदेव मंच से नीचे कूदे और कुछ समर्थकों के कंधे पर माइक में घोषणाएँ करते नज़र आए. टीवी चैनलों ने इस पूरी कार्रवाई का लाईव प्रसारण किया.

स्वामी रामदेव ने कहा, "पुलिस मुझे गिरफ़्तार करने आई है. अगर मुझे गिरफ़्तार करना है तो दिन में करें. मैं देश की सारी जनता का आहवान करता हं कि हम इस बात का विरोध करें. मैं दिल्ली के लोगों से कहूंगा कि रामलीला मैदान पर पहुंचे."

स्वामी रामदेव के अनेक समर्थकों ने उनके आसपास हाथ से हाथ जोड़कर एक मानव श्रंखला बनाई लेकिन पुलिस ने उनके समर्थकों को अलग-थलग करते हुए उन्हें पंडाल से उठा लिया और बाहर ले गए.

पूरे पंडाल में अफ़रा-तफ़री मच गई. पूलिस ने कई आँसू गैस के गोले छोड़े और उनमें से एक तो मंच पर जा गिरा जिससे कुछ समय के लिए मंच के एक हिंस्से में आग लग गई लेकिन इसे जल्द ही बुझा दिया गया.

रेपिड एक्शन फ़ोर्स के अनेक जवानों ने हाथ-पैर पकड़कर लोगों को पुलिस वाहनों में भरा और रामलाली मैदान से दूर ले गए. ग़ौरतलब है कि जमा हुए लोगों में से अनेक लोग वृद्ध थे और काफ़ी संख्या में महिलाएँ और बच्चे भी वहाँ जमा थे.

पुलिस ने रामलीला मैदान का बिजली का कनेक्शन काट दिया.

'पुलिस ने बलप्रयोग नहीं किया'

इस घटनाक्रम के बीच दिल्ली के पुलिस आयुक्त बीके गुप्ता ने मीडिया को बताया कि बाबा रामदेव को 'सुरक्षित स्थान' पर ले जाया गया है.

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Image caption रामलीला मैदान में धारा 144 लागू है और वहाँ रविवार सुबह सन्नाटा पसरा हुआ था

रामलीला मैदान पर मौजूद पुलिस आयुक्त गुप्ता ने कहा, "हमने आंसू गैस के अलावा किसी प्रकार का बलप्रयोग नहीं किया है. उन्हें दी गई इजाज़त तुरंत प्रभाव से रद्द की जाती है. बाबा रामदेव को गिरफ़्तार नहीं किया गया है. उन्हें सुरक्षा चिंताओं की वजह से यहां से हटाया गया है. "

उधर स्वामी रामदेव के प्रमुख सहयोगी तिजारावाला ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में आरोप लगाया कि 'बाबा का अपहरण' किया गया है.

तिजारावाला ने पीटीआई को बताया, "मैंने कभी ऐसा नहीं देखा है. हमें ये नहीं बताया गया है कि बाबा रामदेव को कहां ले जाया गया है. हम उनके बारे में चिंतित हैं. पुलिस उनके साथ कुछ भी कर सकती है."

तिजारावाला ने भारत के मुख्य न्यायाधीश से इस मामले में हस्ताक्षेप की मांग की है.

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