प्रकट हुए बाबा के ग़ायब सहयोगी

  • 7 जून 2011
आचार्य बालाकृष्ण इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption आचार्य बालाकृष्ण प्रेस कॉन्फ़्रेंस में रो पड़े

कई गंभीर आरोपों से घिरे और पिछले कई दिनों से नज़र नहीं आ रहे बाबा रामदेव के सहयोगी आचार्य बालकृष्ण एकाएक हरिद्वार में नज़र आए और संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया.

संवाददाता सम्मेलन में आचार्य बालकृष्ण ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया. चार जून की देर रात रामलीला मैदान में हुई पुलिस कार्रवाई के बाद से ही आचार्य बालकृष्ण नज़र नहीं आ रहे थे.

संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि वे उस रात हुई पुलिस की बर्बर कार्रवाई के गवाह हैं और किसी तरह वे बचते-बचाते यहाँ तक पहुँचे हैं.

उन्होंने रोते हुए उस रात के बारे में कहा, "उस रात का दृश्य मैं आज भी नहीं भूल पाया है. मैं एक कोने से दूसरे कोने भटक रहा था. मुझे भी डंडे मारे गए हैं, मुझे भी काफ़ी चोट लगी है."

आरोप

आचार्य बालकृष्ण ने उन आरोपों को सिरे से ख़ारिज कर दिया कि वे नेपाल के नागरिक हैं और उनका पासपोर्ट जाली है.

हालाँकि उन्होंने ये ज़रूर स्वीकार किया कि उनके माता-पिता नेपाली मूल के हैं लेकिन उनका जन्म हरिद्वार में हुआ है और उनकी शिक्षा-दीक्षा भी भारत में हुई है.

आचार्य बालकृष्ण ने कहा, "मैं नेपाली मूल का भारतीय नागरिक हूँ. मेरा जन्म हरिद्वार में हुआ है. भारतीय संविधान के मुताबिक़ अब मैं भारत का नागरिक हूँ."

हालाँकि नेपाल में अपराध के मामले पर पूछे गए सवालों को आचार्य बालकृष्ण टाल गए.

कुछ दिन पहले कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने आचार्य बालकृष्ण पर आरोप लगाया था कि वे नेपाल के नागरिक हैं और उनके पास नेपाल का पासपोर्ट है.

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