'क्या भाजपा नचनियों की पार्टी है'

  • 7 जून 2011
सुषमा स्वराज
Image caption सुषमा स्वराज के त्यागपत्र की मांग की गई है

बाबा रामदेव के ख़िलाफ़ हुई कार्रवाई को लेकर आमने-सामने आई कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच कटुता बढ़ती जा रही है.

दोनों पार्टियों की ओर से शब्द बाण छोड़े जा रहे हैं और आरोप-प्रत्यारोपों की झड़ी लगी हुई है.

राजघाट पर लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज के नाच पर कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कड़ी आपत्ति जताई है और पूछा है कि भाजपा कब से 'नचनियों की पार्टी' हो गई है.

तो सुषमा स्वराज ने दिग्विजय सिंह की भाषा पर कड़ी आपत्ति जताई है और कहा है कि देशभक्ति गीत पर उन्हें गाने और झूमने से कोई नहीं रोक सकता.

लखनऊ में पत्रकारों के साथ बातचीत में कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने जहाँ राजघाट पर भाजपा नेताओं के सत्याग्रह पर कई सवाल उठाए, तो दिल्ली में भाजपा नेता अरुण जेटली ने सरकार के कामकाज पर चुटकी ली.

आपत्ति

रामदेव पर हुई कार्रवाई के ख़िलाफ़ भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेताओं ने राजघाट पर 24 घंटे का सत्यग्रह किया था. लेकिन उस सत्याग्रह के दौरान लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज के नाच पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई है.

दिग्विजय सिंह ने कहा, "राजघाट महात्मा गांधी की समाधि है और वहाँ जाकर नाचना-गाना हुआ. भाजपा को इस पर शर्म आनी चाहिए. सुषमा स्वराज वहाँ नाच रही थी. आख़िर वे ख़ुशी में नाच रही हैं या नाराज़गी में, समझ में नहीं आया."

उन्होंने कहा कि भाजपा को देश से माफ़ी मांगनी चाहिए. कांग्रेस ने सुषमा स्वराज से इस्तीफ़े की मांग भी की है. पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि इससे भाजपा का चाल, चरित्र और चेहरा स्पष्ट हो गया है.

दिग्विजय सिंह की टिप्पणी पर अपनी प्रतिक्रिया में सुषमा स्वराज ने कहा कि देश आज़ाद है और देशभक्ति के गीत पर गाने और झूमने से उन्हें कोई नहीं रोक सकता.

उन्होंने बताया, "राजघाट पर पार्टी कार्यकर्ता ये देश है वीर जवानों का...गीत गा रहे थे और थोड़ी देर के लिए मैं भी कई नेताओं के साथ गाने और झूमने में शामिल हो गई."

सुषमा स्वराज ने दिग्विजय सिंह की भाषा पर कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि कांग्रेस पार्टी इंटरनेट पर जाकर देख सकते हैं कि उनकी पार्टी के नेता कब-कब कहाँ-कहाँ नाचे हैं.

रामदेव के ख़िलाफ़ हुई कार्रवाई के बारे में दिग्विजय सिंह ने कहा कि ये राजनीतिक पार्टी का फ़ैसला नहीं, बल्कि दिल्ली पुलिस का फ़ैसला था.

उन्होंने इस पर आपत्ति जताई कि रामदेव के ख़िलाफ़ हुई कार्रवाई की तुलना जालियाँवाला बाग़ से की जा रही है. दिग्विजय सिंह ने कहा कि लालकृष्ण आडवाणी को ऐसी तुलना पर शर्म आनी चाहिए.

दूसरी ओर भाजपा नेता अरुण जेटली ने केंद्र सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार रिमोट कंट्रोल से चल रही है. उन्होंने कहा कि यूपीए में जिनके पास अधिकार है, उनकी विश्वसनीयता नहीं है.

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