दार्जीलिंग समस्या सुलझाने का दावा

  • 7 जून 2011
ममता बनर्जी
Image caption हाल ही में ममता ने मुख्यमंत्री का पद संभाला है

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया है कि 15 साल पुराने दार्जीलिंग मुद्दे का हल निकाल लिया गया है. लेकिन गोरखा जनमुक्ति मोर्चा ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है कि क्या अलग गोरखालैंड राज्य की उनकी मूल मांग पर कोई फ़ैसला हुआ है या नहीं.

पत्रकारों के साथ बातचीत में ममता बनर्जी ने कहा, "आज का दिन ऐतिहासिक है. लंबे समय से अधर में चल रहे दार्जीलिंग के मुद्दे का आधिकारिक बातचीत में हल निकाल लिया गया है. मैंने इस बारे में गृह मंत्री पी चिदंबरम को सूचित कर दिया है."

समझौते के लिए 'जादुई फ़ॉर्मूले' के बारे में पूछे जाने पर ममता बनर्जी ने कहा, "ये हमारी सदभावना है. इस समझौते तक पहुँचने का जादुई फ़ॉर्मूला विकास है."

ममता बनर्जी ने पहले कहा था कि वे तीन महीने में दार्जीलिंग मुद्दे का हल निकाल लेंगी. उन्होंने बताया कि गृह सचिव समीर घोष इस समझौते का विवरण जारी करेंगे.

सहमति

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा, "मैं उनसे कहा है कि वे केंद्र से बात करें ताकि समझौते को दार्जीलिंग में औपचारिक बनाया जा सके. मैं भी वहाँ मौजूद रहूँगी."

ये पूछे जाने पर कि क्या कोई वित्तीय पैकेज दिया गया है, ममता बनर्जी ने कहा, "क्या मैं बिना किसी उपहार के किसी शादी समारोह में हिस्सा लूँगी. हम दार्जीलिंग के लोगों को प्यार करते हैं."

बाद में गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के महासचिव रोशन गिरी ने पत्रकारों को बताया कि चाय बागानों पर अधिकार को स्थानान्तरित करने और दार्जीलिंग गोरखा पर्वतीय परिषद के अस्थायी कर्मचारियों की समस्याओं को सुलझाने पर सहमति हो गई है.

अलग गोरखालैंड राज्य की मांग के बारे में पूछे जाने पर रोशन गिरी ने कोई टिप्पणी नहीं की. मंगलवार को आधिकारिक स्तर की बातचीत का दूसरा दिन था, जिसमें गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के चार विधायक और मुख्य सचिव और गृह सचिव जीडी गौतम भी मौजूद थे.

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