उमा की भाजपा में वापसी

उमा भारती
Image caption उमा भारती ने भाजपा से बाहर जाकर भारतीय जनशक्ति पार्टी का गठन किया था

मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती की छह साल बाद भारतीय जनता पार्टी में वापसी हो गई है. भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने उमा भारती के साथ एक संवाददाता सम्मेलन में ये घोषणा की है.

नीतिन गडकरी ने कहा कि उमा भारती की पार्टी के सिद्धांतों और संगठन में पूरी निष्ठा है और वे उत्तरप्रदेश में काम करेंगे और लखनऊ से पार्टी के प्रचार का काम संभालेंगी.

महत्वपूर्ण है अगले वर्ष उत्तर प्रदेश में विधानसभा के अहम चुनाव होने हैं.

उमा भारती वर्ष 2004 में पार्टी की महासचिव थीं जब अनुशासनहीनता के आरोप में उन्हें इस पद से हटा दिया गया था और उनकी भाजपा की प्राथमिक सदस्यता भी रद्द कर दी गई थी.

उमा ने इसके बाद नई पार्टी - भारतीय जनशक्ति पार्टी - का गठन भी किया था.

पार्टी की एक बैठक के दौरान उन्होंने पूर्वी उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी के भाषण के बीच में उन्हें टोका था और फिर नाराज़ होकर बैठक से वॉकआउट किया था.

'राज्य के नेताओं, सांसदों से भी चर्चा की'

जब पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी से पूछा गया कि भाजपा की मध्यप्रदेश इकाई के नेता भी उमा से नाराज़ थे,तो उनका कहना था कि राष्ट्रीय नेताओं, मध्यप्रदेश के नेताओं और सांसदों से चर्चा करने के बाद ही उन्हें पार्टी में वापस लेने का फैसला किया गया है.

गडकरी का कहना था कि अदालत के निर्णय के बाद राम मंदिर बनाने का पथ प्रशस्त हुआ है और इस सपने को साकार करने में उमा भी सहयोग करेंगी.

गडकरी का कहना था, "उमा भारती इमानदारी से हमारी विचारधारा से जुड़ी रही है वो हमारे परिवार का एक भाग है.उनके बारे में ये बहुत ही पारदर्शी चीज़ जो हमेशा सामने आई है कि चाहे वह पार्टी के अंदर हो या बाहर वह विचारधारा के प्रति हमेशा वफ़ादार रही है और अब उनकी वापसी से पार्टी को मज़बूती मिलेगी."

उमा का कहना था,"मैं पिछले पांच वर्षों को भुलाना चाहती हुँ. अध्यक्ष ने जो मुझ पर भरोसा जताया है यदि मैं उस पर कुछ हद तक भी खरी उतरूँगी तो मुझे इसका बहुत संतोष होगा."

भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने आरोप लगाया कि 'मायावती के कुशासन' और मायावती को हटाने के लिए उमा भारती काम करेंगी.

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