सरकार पर प्रहार के साथ अनशन ख़त्म

  • 8 जून 2011
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गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हज़ारेका अनशन ख़त्म हो गया है. दिल्ली में महात्मा गांधी की समाधि राजघाट पर अन्ना हज़ारे ने सुबह 10 बजे से छह बजे शाम तक अनशन किया.

अन्ना हज़ारे ने कहा है कि आज़ादी की दूसरी लड़ाई की शुरूआत हो गई है. उन्होंने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया और चेतावनी दी कि अगर 15 अगस्त तक लोकपाल विधेयक पारित नहीं हुआ तो वे 16 अगस्त से एक बार फिर आमरण अनशन करेंगे.

अनशन खत्म होने के बाद अन्ना हज़ारे के सहयोगी प्रशांत भूषण और अरविंद केजरिवाल ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि यह अनशन लोकतांत्रिक अधिकारों पर किए गए पर हमले के खिलाफ़ है.

हालांकि प्रशांत भूषण ने यह भी कहा कि वो बाबा रामदेव के उस बयान का समर्थन नहीं करते जिसमें उन्होंने 11 हज़ार युवाओं की एक 'सेना' बनाने का ऐलान किया था.

दिल्ली के रामलीला मैदान में अनशन पर बैठे रामदेव के ख़िलाफ़ पुलिस कार्रवाई के विरोध में दिल्ली के राजघाट पर अनशन करने वाले अन्ना हज़ारे ने कहा कि रात में सो रहे लोगों पर पुलिस कार्रवाई लोकतंत्र का गला घोंटने के जैसा है.

उन्होंने कहा कि राजघाट पर अनशन करने का मुख्य मक़सद उस पुलिस बर्बरता के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाना है और दूसरे भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ आंदोलन को आगे बढ़ाना है.

अन्ना ने कहा कि 1947 में देश को आज़ादी तो मिली लेकिन सिर्फ़ गोरे गए और उनकी जगह काले आ गए.

उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि आज़ादी की दूसरी लड़ाई लड़ी जाए और इसकी शुरूआत हो चुकी है.

'चरित्र'

उन्होंने कहा कि देश में फैले भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए एक लंबे आंदोलन की ज़रूरत है .

लेकिन आंदोलन में शामिल लोगों को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि यह ज़रुरी है कि आंदोलनकारियों का चरित्र शुद्घ हो.

उन्होंने अपनी मिसाल देते हुए कहा कि वो ख़ुद एक मंदिर में रहते हैं और उनके पास खाने की एक प्लेट और सोने के बिस्तर के अलावा कुछ नहीं है.

अन्ना हज़ारे ने कहा कि उनके आंदोलन के कारण छह मंत्रियों को अपनी कुर्सी छोड़नी पड़ी है.

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Image caption इससे पहले अप्रैल में अन्ना ने जंतर मंतर पर अनशन किया था और सरकार से अपनी मांग मनवाकर ही अनशन समाप्त किया था.

उन्होंने बार बार इस बात पर भी ज़ोर दिया कि कोई भी आंदोलन शांतिपूर्ण तरीक़े से होना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर वो खु़द शांति से अपना आंदोलन नहीं करते तो सरकार उन्हें कब का कुचल देती.

लोकपाल का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि न्यायपालिका के उच्च पदों पर बैठे लोगो को भी लोकपाल के दायरे में लाया जाना चाहिए.

इस मौक़े पर अन्ना के सहयोगी शांति भूषण ने कहा कि सरकार में कुछ ऐसे लोग बैठे हैं जिन्हें ना तो लोकतंत्र के बारे में कुछ पता है और ना ही उन्हें देश के संविधान के बारे में कोई जानकारी नहीं है.

उनहोंने कहा कि अप्रैल में अन्ना जब लोकपाल के मुद्दे पर अनशन पर बैठे थे तो उन्होंने भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ बिगुल बजाया था लेकिन बुधवार का दिन उससे भी बड़ा है क्योंकि यह अनशन लोकतंत्र को बचाने की कोशिश है.

अन्ना के एक और सहयोगी अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ उनकी लड़ाई सिर्फ़ एक शुरूआत है और उनके साथियों का असल उद्देश्य व्यवस्था परिवर्तन के लिए आंदोलन चलाना है.

इस मौक़े पर स्वामी अग्निवेश का कहना था कि रामलीला मैदान में रामदेव के साथ अनशन पर बैठे लोगों के ख़िलाफ़ पुलिस कार्रवाई लोकतंत्र पर हमला है.

अन्ना की सहयोगी किरण बेदी ने कहा कि देश के मौजूदा क़ानून में भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए व्यापक प्रावधान नहीं है.

अन्ना हज़ारे और उनकी टीम ने सैकड़ों समर्थकों के साथ दिल्ली के राजघाट पर अनशन किया. सुबह से ही लोग राजघाट पर आना शुरू हो गए थे. कई लोग तो देश के दूर दराज़ इलाक़े से आए थे. पूर्वोत्तर राज्य असम से भी कई लोग आए थे.

कई लोग गांधीवादी टोपी पहने थे जिस पर लिखा था- ''मैं अन्ना हूं''. कुछ लोग 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' की टी शर्ट पहने हुए हैं.

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