कनिमोड़ी को नहीं मिली ज़मानत

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Image caption दिल्ली उच्च न्यायालय से कनिमोझी को ज़मानत नहीं मिली

टू जी स्पेक्ट्रम मामले में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद डीएमके की सांसद कणिमोड़ी को फिलहाल जेल में ही रहना पड़ेगा. दिल्ली हाई कोर्ट ने आज उनकी ज़मानत याचिका खारिज कर दी है.

कनिमोड़ी के साथ-साथ कलैंइगर टीवी के प्रबंध निदेशक शरद कुमार को भी ज़मानत नहीं मिली. कनिमोड़ी और शरद कुमार दोनों कलैंइगर टीवी में शेयरधारक हैं.

बुधवार सुबह दिल्ली हाई कोर्ट में मामले आने की कुछ समय के अंदर ही ज़मानत याचिका खारिज कर दी गई. कनिमोड़ी के वकील एस सुंदरम ने सुनवाई के बाद जानकारी देते हुए इस पूरे मामले में सीबीआई की भूमिका पर सवाल उठाए हैं.

उन्होंने कहा, "हम संभवत कल सुप्रीम कोर्ट में याचिका डालेंगे. हम सीबीआई के दोहरे मापदंड को सामने लाएँगे. सीबीआई ने जांच या पूछताछ के दौरान अभियुक्त को हिरासत में नहीं लिया. लेकिन अब कोर्ट के माध्यम का इस्तेमाल कर अभियुक्त को हिरासत में लिया जा रहा है. इस दोहरे मापदंड को हम उजाकर करेंगे. हमें उम्मीद करते हैं कि सुप्रीम कोर्ट इस पर ग़ौर करेगा."

सीबीआई की एक विशेष अदालत ने कनिमोड़ी को 2 जी मामले में गिरफ़्तार कर 20 मई को न्यायिक हिरासत में भेजा था. इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ कनिमोड़ी ने दिल्ली हाई का रुख़ किया था लेकिन कोर्ट ने 30 मई को दिन भर दलीलें सुनने के बाद ज़मानत पर फ़ैसला सुरक्षित रख लिया था.

रो पड़ी माँ

बुधवार की सुनवाई के दौरान कनिमोड़ी की माँ और डीएमके नेता टीआर बालू भी मौजूद थे. टीएर बालू ने बताया कि शायद कल ही सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया जाएगा. ज़मानत याचिका नामंज़ूर होने के बाद कनिमोड़ी की माँ भावुक हो गईं और रोने लगी.

वहीं पिता और तमिलनाडू के पूर्व मुख्यमंत्री करुणानिधि की प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “कनी इस फ़ैसले का सामना करेंगी. वो पहले ही कह चुकी हैं कि वो इस केस को क़ानूनी तरीके से लड़ेंगी.”

कनिमोड़ी के वकील ने ज़मानत याचिका में दलील दी थी कि कनिमोड़ी के पति को काम के सिलसिले में विदेश जाना पड़ता है और बेटा अभी छोटा है. बेटे की देखभाल के लिए उन्हें ज़मानत दी जाए. लेकिन कोर्ट ने ये दलील नहीं मानी.

स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने 25 अप्रैल को विशेष अदालत दूसरा आरोप पत्र दाख़िल कर कनिमोड़ी और शरद कुमार को सह-अभियुक्त बनाया था.

सीबीआई ने अपने आरोप पत्र में कहा है कि कि 2-जी स्पेक्ट्रम घोटाले से जुड़े जो 200 करोड़ रुपए कलैंग्नार टीवी तक पहुंचे उसमें कनीमोड़ी भी शामिल थीं.चार्जशीट में उन पर ये भी आरोप है कि ए राजा के साथ मिलकर उन्होंने कई कंपनियों को फ़ायदा पहुँचाया.

टूजी मामले से जुड़े आरोप पत्र में पूर्व मंत्री ए राजा, उनके निजी सचिव आर के चंदोलिया, पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरा, स्वान टेलीकॉम के शाहिद बलवा, सिनेयुग के करीम मोरानी समेत कई अन्य लोगों का नाम है. इनमें से कई लोग जेल में बंद हैं. जेल से निकलने की कनिमोड़ी की सारी उम्मीदें अब सुप्रीम कोर्ट पर लगी हैं.

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