कांग्रेस ने पूछा - 'क्या सशस्त्र विद्रोह की तैयारी है?'

बाबा रामदेव इमेज कॉपीरइट AP
Image caption रामदेव के 'सेना' बनाने के ऐलान पर कांग्रेस ने कई सवाल उठाए

योग गुरु बाबा रामदेव के 11 हज़ार युवाओं की सशस्त्र 'सेना' बनाने के ऐलान पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति दर्ज करते हुए उनसे पूछा है कि 'क्या वे केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ सशस्त्र विद्रोह करना चाहते हैं?'

बुधवार सुबह हरिद्वार में बाबा रामदेव ने कहा था कि वे 11 हज़ार युवा और युवतियों की एक 'सेना' बनाएंगे जिन्हें वे शस्त्र और शास्त्र दोनों का प्रशिक्षण देंगे.

बुधवार दोपहर दिल्ली में बाबा रामदेव के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते कांग्रेस प्रवक्ता जयंती नटराजन ने कहा, "विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज आज बाबा रामदेव से मिली हैं. मैं जानना चाहती हूं कि क्या केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ सशस्त्र विद्रोह शुरू करने की योजना है? क्या भाजपा चुनी गई सरकार और संविधान के ख़िलाफ़ 11 हज़ार लोगों के सशस्त्र विद्रोह में भागीदार है?"

जयंती नटराजन ने सवाल उठाया कि क्या विपक्ष की नेता को एक ऐसे व्यक्ति के साथ मुलाक़ात करनी चाहिए जिसने 'देश की लोकतांत्रिक तरीके से चुनी सरकार के ख़िलाफ़ सशस्त्र विद्रोह का ऐलान किया हो.'

ग़ौरतलब है कि बुधवार को लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज हरिद्वार पहुंची थीं, जहां उन्होंने बाबा रामदेव से उत्तराखंड के मुख्यमंत्री की मौजूदगी में एक बैठक की.

उस बैठक बाद सुषमा स्वराज ने दिल्ली के रामलीला मैदान पर हुई पुलिस कार्रवाई को 'आततायी सरकार का अत्याचार' क़रार दिया था.

बीजेपी पर हमला करते हुए नटराजन ने कहा कि उन्होंने जो सवाल उठाए हैं भाजपा को उनका जवाब जनता को देना होगा.

'दूसरा स्वतंत्रता संग्राम किसके ख़िलाफ़'

उधर अन्ना हज़ारे के दूसरे स्वतंत्रता संग्राम का आहवान करने पर भी कांग्रेस आपत्ति जताई है.

जयंती नटराजन ने कहा, "ये दूसरा स्वतंत्रता संग्राम किसके विरुद्ध होगा? भारत में एक चुनी हुई सरकार है, ये संसद भारत के लोगों ने चुनी है. और इसके ख़िलाफ़ उन लोगों का आंदोलन जो कहते हैं कि वे चुनाव में हिस्सा नहीं लेंगे,हमारी राजनीतिक प्रणाली को पूरी तरह से नीचा दिखाना है."

कांग्रेस ने कहा कि ऐसा विचार हमारे संविधान के मूल मंत्र पर आघात है.

नटराजन ने कहा कि अपनी सरकार के ख़िलाफ़ स्वतंत्रता संग्राम का आहवान स्वीकार नहीं किया जा सकता.

अन्ना हज़ारे दिल्ली स्थित राजघाट पर रामलीला मैदान पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में एक दिन के अनशन पर बैठे हैं. वहां उन्होंने ऐलान किया था कि अगर पंद्रह अगस्त तक लोकपाल बिल पास नहीं हुआ तो सोलह से वे दोबारा जंतर मंतर पर आमरण अनशन शुरू करेंगे.

उन्होंने इसे दूसरे स्वतंत्रता संग्राम का नाम दिया.

संबंधित समाचार