छत्तीसगढ़ पुलिस के पांच जवान मारे गए

  • 9 जून 2011
छत्तीसगढ़ (फ़ाईल फ़ोटो)
Image caption राज्य सशस्त्र बल के चार जवान मारे गए.

छत्तीसगढ़ के सबसे संवेदनशील ज़िले नारायणपुर में माओवादी छापामारों ने राज्य सशस्त्र पुलिस के एक कैंप पर हमला किया है जिसमे पांच जवानों के मारे जाने की ख़बर है.

छत्तीसगढ़ के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रामनिवास का कहना है कि यह जवान झाराघाटी में हाल ही में स्थापित किए गए कैंप में तैनात थे.

घटना बृहस्परतिवार सुबह लगभग सात बजे की है जब यह जवान कैंप के पास ही मौजूद थे.

पुलिस का कहना है कि इसी दौरान अचानक माओवादी छापामारों नें हमला कर दिया और जवानों पर अंधाधुंध गोलियां चलानी शुरू कर दी.

अधिकारियों के अनुसार चार जवानों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई जबकि एक घायल जवान को अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में उसकी मौत हो गई.

माओवादी छापामारों की संख्या कितनी थी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है मगर अधिकारियों को अंदेशा है कि इस घटना को 150 से ज़्यादा छापामारों ने अंजाम दिया है.

घटना के बाद माओवादी जवानों के हथियार भी लूट कर ले गए है.

झाराघाटी नारायणपुर ज़िले का सबसे संवेदनशील इलाक़ा है.

राज्य सशस्त्र पुलिस बल का यह कैंप उस सड़क पर स्थित है जो नारायणपुर ज़िला मुख्यालय को अभुझमाड़ से जोडती है.

पिछले साल इसी सड़क के किनारे माओवादियों ने घात लगाकर यहाँ से कुछ ही दूर पर धोड़ाई में केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल के 26 जवानों को मार दिया था.

इसी घटना के बाद झाराघाटी में अलग कैंप खोला गया था ताकि माओवादियों के हमले के मद्दे नज़र जवाबी कारावाई करने में आसानी हो.

अब इस इलाक़े में लगभग 750 वर्ग किलोमीटर का इलाक़ा सेना के प्रशिक्षण केंद्र के लिए सरकार ने अधिग्रहित करना शुरू कर दिया है.

माओवादी सेना के प्रशिक्षण केंद्र का विरोध कर रहे हैं.

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