बाबा ने बयान का बचाव किया

  • 9 जून 2011
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बाबा रामदेव ने सेना बनाने वाले अपने विवादित बयान का बचाव किया है और कहा है उन्होंने सेना के गठन की बात आत्मरक्षा में की थी.

गुरुवार को बाबा रामदेव ने कहा, "शब्दों का इस्तेमाल सही परिप्रेक्ष्य में होना चाहिए. मैंने ये कहा था कि मैं ऐसी सेना बनाऊँगा जो किसी को पीटेगी नहीं लेकिन किसी से पिटेगी भी नहीं. अगर मैं शौर्य के बारे में बोलता हूँ तो इसमें क्या नुक़सान है, इसमें क्या ग़लत है."

उन्होंने कहा कि वे आतंकवादियों या माओवादियों के प्रशिक्षण की बात नहीं कर रहे, बल्कि वे तो एक 'राष्ट्रवादी सेना' के गठन की बात कर रहे हैं.

रामदेव ने कहा, "मैं आतंकवादी, नक्सली या माओवादी नहीं बना रहा. मैं तो सिर्फ़ एक राष्ट्रवादी सेना विकसित कर रहा हूँ. ये सिर्फ़ आत्मरक्षा के लिए है."

स्पष्टीकरण

एक दिन पहले बाबा रामदेव ने कहा था कि वे 11 हज़ार युवक और युवतियों की एक सेना बनाएँगे. बाबा रामदेव के इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया हुई थी.

गृह मंत्री पी चिदंबरम ने रामदेव को चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा था कि अगर बाबा ने ऐसा कुछ किया तो क़ानून अपना काम करेगा.

यहाँ तक कि लोकपाल मसौदा समिति में नागरिक समाज के सदस्यों ने भी बाबा रामदेव के इस बयान की आलोचना की थी. अन्ना हज़ारे के प्रमुख सहयोगी अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि वे बाबा के इस बयान का समर्थन नहीं करते.

अब बाबा रामदेव का कहना है कि उनके बयान का सही मतलब नहीं निकाला गया. उन्होंने कहा, "अगर हमारी महिलाएँ अपनी रक्षा करने में सक्षम होंगी, तो कोई भी उन्हें नुक़सान पहुँचाने की हिम्मत नहीं करेगा. अगर हमारे पुरुष समर्थ होंगे, तो वे रामलीला मैदान की तरह किसी भी हमले का सामना कर सकेंगे."

बाबा रामदेव ने कहा कि लोगों को ये समझना चाहिए उन्होंने क्या कहा था.

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