'सीबीआई दोहरी नीति अपना रही है'

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Image caption करूणानिधि ने हाल में एआईडीएमके-कांग्रेस के क़रीब आने पर कटाक्ष किया था.

कांग्रेस पार्टी के सहयोगी दल डीएमके ने आरोप लगाया है कि मुख्य जाँच एजेंसी सीबीआई उसे झूठे मुकदमों में फंसा रही है और वो इसके ख़िलाफ़ उच्चतम न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाएंगे.

डीएमके ने कांग्रेस से समर्थन वापस लेने या सरकार को बाहर से समर्थन देने के मामले पर भी कुछ नहीं कहा.

चेन्नई में शुक्रवार शाम हुई एक बैठक में पास किए गए एक प्रस्ताव में पार्टी ने कहा है कि सीबीआई 2-जी स्पेक्ट्रम मामले में दोहरी नीति अपना रही है.

प्रस्ताव में कहा गया है कि ये दोहरी नीति ही डीएमके सांसद कनिमोड़ी और पूर्व संचार मंत्री ए राजा के ख़िलाफ़ चल रहे केस की वजह है.

पार्टी ने यह बैठक हाल में राज्य में हुए चुनाव में हार और बाक़ी मुद्दों की समीक्षा के लिए बुलाई थी.

क़ानूनी लड़ाई

बैठक के बाद प्रेस से बातचीत करते हुए डीएम के प्रमुख एम करूणानिधि ने कहा कि पार्टी 2-जी स्पैक्ट्रम मामले का क़ानूनी तौर पर सामना करेगी.

हालांकि विपक्षी राजनीतिक दल हमेशा से सीबीआई पर पक्षपात का आरोप लगाते रहे हैं लेकिन हाल के दिनों में केंद्र सरकार में मौजूद डीएमके भी इस आरोप को कई बार दोहरा चुकी है.

कुछ लोग इसे एक सहयोगी दल के कांग्रेस पार्टी पर प्रहार के रूप में भी देख रहे हैं तब भी जबकि डीएम ने सीधे तौर पर कांग्रेस का नाम नहीं लिया है.

डीएमके कांग्रेस पार्टी की इस टिप्पणी का भी जवाब नहीं दिया कि तमिलनाडु और पुडुचेरी की हार के लिए टेलीकॉम घोटाला काफ़ी हद तक ज़िम्मेदार था.

कांग्रेस पार्टी की पत्रिका 'संदेश' में छपे एक लेख में कहा गया है कि दोनों दक्षिणी राज्यों में हार की एक बहुत बड़ी वजह 2-जी घोटाला था. कुछ हलकों में इसे डीएमके पर कांग्रेस के प्रहार के तौर पर देखा गया है.

Image caption कनिमोड़ी ने अपनी ज़मानत के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्ज़ी दाख़िल की है.

हज़ारों करोड़ रूपए के टेलीकॉम घोटाले में अभी तक डीएमके के एक मंत्री, पूर्व संचार मंत्री ए राजा और सांसद कनिमोड़ी ही जेल गए हैं. बाकी लोगों का ताल्लुक अफ़सरशाही और उद्योग जगत से है.

लेकिन डीएमके ने कांग्रेस के इस आरोप का सीधा जवाब नहीं दिया.

करूणानिधि ने कहा है कि पार्टी 2-जी मामले पर अपना पक्ष जनता के सामने रखने के लिए 20 से 30 जून के बीच आम सभाएं करेगी.

कांग्रेस से सहयोग

करूणानिधि ने कांग्रेस पार्टी को बाहर से समर्थन देने या समर्थन वापस लेने के मामले पर कुछ नहीं कहा.

जानकार मानते हैं कि डीएमके के लिए इस समय केंद्र सरकार से अलग होना उसके लिए और मुश्किलें खड़ी कर सकती है.

तमिलनाडु के दूसरे मुख्य दल एआईएडीएम की प्रमुख जे जयललिता ने कहा है कि अगर कांग्रेस डीएमके से अलग हो जाए तो उनकी पार्टी केंद्र सरकार को समर्थन देने को तैयार है.

एआईएडीएमके ने तमिलनाडु चुनाव में भारी मतों से जीत हासिल कर वहाँ सरकार बनाई है.

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