रामदेव पहुंचे अस्पताल, सरकार से हस्तक्षेप की मांग

रामदेव (फ़ाईल फ़ोटो) इमेज कॉपीरइट Reuters

हरिद्वार के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा है कि बाबा रामदेव की हालत बिगड़ रही है और उनकी डॉक्टरी जांच के लिए एंबुलेंस के ज़रिए उन्हें देहरादून के एक अस्पताल ले जाया गया है.

विदेशों में रखे काले धन को भारत वापस लाने की मांग को लेकर बाबा रामदेव चार जून से कुछ दिनों से अनशन पर हैं.

बाबा रामदेव को ग्लूकोज़ चढ़ाया जा रहा है. डॉक्टरों ने कहा था कि उनकी नब्ज़ धीमी पड़ रही है और इसका असर उनके हृदय पर पड़ सकता है.

अध्यात्म गुरु श्री श्री रविशंकर ने रामदेव से मुलाकात करने के बाद कहा कि अस्पताल में भर्ती होने के बाद बाबा रामदेव की स्थिति में सुधार है और उन्होंने रामदेव से अनशन तोड़ने का अनुरोध किया है.

आध्यात्मिक गुरू श्री श्री रविशंकर अपने पिता के अस्थि विसर्जन के लिए हरिद्वार आए थे.

इस बीच रामदेव के क़रीबी वेद प्रताप वैदिक ने कहा, ''मुझे इस सरकार पर तरस आता है कि वह रामदेव के साथ इस तरह का बर्ताव कर रही है. अगर उनका अनशन जबरन तुड़वाया भी जाता है तब भी देशभर में जनता उनके हक में सरकार से जवाब मांगेगी.''

भारतीय जनता पार्टी के नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि सरकार को इस मुद्दे को अहम का प्रश्न नहीं बनाना चाहिए और बातचीत की शुरुआत करनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव ने भ्रष्टाचार के खिलाफ़ महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए हैं और उनकी जान देश के लिए बेहद क़ीमती है.

अनुरोध

अन्ना हज़ारे ने भी सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि रामदेव को विरोध करने का पूरी तरह अधिकार है और सरकार ने उनके साथ जो किया वह सही नहीं था.

गुरुवार को हरिद्वार के ज़िलाधिकारी भी रामदेव से मिले थे और उनसे अनशन तोड़ने का अनुरोध किया था लेकिन वे इसके लिए तैयार नहीं हुए.

इतना ज़रूर है कि ज़िला प्रशासन के आग्रह पर रामदेव नींबू पानी और शहद लेने को तैयार हो गए थे.

लेकिन इसके बावजूद उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही है.

काले धन को वापस लाने की मांग को लेकर चार जून से उन्होंने दिल्ली के रामलीला मैदान में अनशन की शुरुआत की थी.

लेकिन उसी दिन देर रात पुलिस ने उनके अनशन को बलपूर्वक समाप्त कर दिया और पांच जून को उन्हें हरिद्वार ले जाकर छोड़ दिया था.

रामदेव ने अपना अनशन जारी रखने का फ़ैसला किया था और तभी से वे अनशन पर हैं.

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