'राणा बरी, भारत सरकार निराश'

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Image caption शिकागो अदालत ने राणा को मुंबई हमले की साज़िश रचने के आरोप से बरी कर दिया गया था

पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक तहव्वुर हुसैन राणा को शिकागो की एक अदालत के ज़रिए मुंबई हमले की साज़िश रचने के आरोप से बरी किए जाने पर भारत सरकार ने अपनी निराशा जताई है.

भारतीय विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने कहा कि पाकिस्तान को मुंबई हमले मामले में खुद को निर्दोष साबित करना होगा

अदालत ने राणा को तीन मामलों में से दो का दोषी क़रार दिया.

तहव्वुर राणा पर डेनमार्क में चरमपंथी हमले की साज़िश रचने, चरमपंथी संगठन लश्कर-ए-तैबा की मदद करने और 2008 में मुंबई हमले की साज़िश रचने के आरोप लगे थे और उनके ख़िलाफ़ मुक़दमा चला था.

शिकागो अदालत ने मुंबई हमले की साज़िश रचने के आरोप से तो उन्हें बरी कर दिया लेकिन डेनमार्क में चरमपंथी हमले की साज़िश रचने और लश्कर-ए-तैबा की मदद करने का दोषी पाया था.

गृह मंत्रालय का वक्तव्य

भारत के गृह मंत्रालय ने एक वक्तव्य में कहा है कि शिकागो की अदालत में इस बात के सुबूत पेश किए गए थे कि डेविड हेडली ने राणा को भारत में हमले के ठिकानों को ढूंढने के बारे में बताया था.

हेडली ने मुंबई में अपनी कार्रवाईयों पर पर्दा डालने के लिए यहाँ फ़र्स्ट वर्ल्ड इमिग्रेशन सर्विसेज़ का दफ़्तर खोलने के लिए राणा की स्वीकृति भी मांगी थी.

वक्तव्य के मुताबिक़ राणा ने हेडली को भारत जाने के लिए वीज़ा लेने के तरीक़ों पर सलाह दी थी, साथ ही हेडली और राणा ने इस बात की समीक्षा की थी कि हेडली मुंबई में हमलों के ठिकानों की निगरानी कैसे करेंगे.

गृह मंत्रालय ने कहा कि राणा ने हेडली से कहा था कि मुंबई हमलों से जुड़े लोगों को मरणोपरांत पाकिस्तान का सबसे बड़ा सैन्य तमग़ा दिया जाना चाहिए.

मंत्रालय के मुताबिक़ ये याद रखा जाना चाहिए कि राणा पर मुक़दमा अमरीका में वहाँ के नियमों को मुताबिक़ चला था और वहाँ आपराधिक मुक़दमें विशेष नियमों के आधार पर चलते हैं.

वक्तव्य में कहा गया, ''राणा के वकीलों ने कहा है कि वो फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील करेंगे, हालांकि अभी तक ये साफ़ नहीं है कि अमरीका में अधिकारी राणा को मुंबई मामले में बरी करने के फ़ैसले के खिलाफ़ अपील करेंगे या नहीं.''

मंत्रालय ने कहा कि मामले की जाँच कर रही राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) भारत में अभियुक्तों के ख़िलाफ़ चार्जशीट दायर करने से पहले अमरीका में अदालती कार्यवाही पूरी होने का इंतज़ार करेगी.

एनआईए इस केस से जुड़े दस्तावेज़ों की जाँच करेगी और अमरीकी अदालत के फ़ैसले की समीक्षा के बाद भारतीय अदालत में हेडली, राणा और दूसरों के ख़िलाफ़ चार्जशीट दायर करेगी.

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