नक्सलियों ने सीपीआई नेता को गोली मारी

  • 15 जून 2011
नक्सली
Image caption नक्सली हमलों की वजह से जनप्रतिनिधि डरे हुए हैं

माओवादी छापामारों ने मंगलवार की देर रात छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा ज़िले में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी यानी सीपीआई के प्रमुख नेताओं में से एक मुंडाराम सोढ़ी को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया है.

यह घटना उस दिन घटी जब दिल्ली में उड़ीसा और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों के साथ केंद्रीय गृह मंत्री नक्सल मुद्दे पर विचार विमर्श कर रहे थे. पुलिस का कहना है कि मंगलवार की देर रात माओवादी छापामारों के एक बड़े दल नें दंतेवाड़ा जिले के बेरमा में सोढ़ी के घर धावा बोल दिया.

कम्युनिस्ट पार्टी के चित्तरंजन बख्शी का कहना है कि माओवादियों ने मुंडाराम सोढ़ी के घर में कई चीज़ों को आग के हवाले कर दिया और वहां मौजूद ट्रेक्टर में भी आग लगा दी.

मुंडाराम को जगदलपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहाँ उनकी हालत गंभीर बनी हुई है.

मुंडाराम दंतेवाड़ा के पूर्व विधायक नंदराम सोढ़ी के भाई हैं.

दहशत का माहौल

पुलिस का कहना है कि मुंडाराम पर माओवादियों ने मुख़बिरी का आरोप लगाया है.

माओवादियों का आरोप है कि इलाके में अभियान से पहले पुलिस और सुरक्षा बलों के जवान मुंडाराम के घर रुकते थे और वहां से अभियान पर निकलते थे.

इसी को लेकर उनको शक है कि मुंडाराम पुलिस के लिए मुख़बिरी करते थे. घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है. ख़ास तौर पर दंतेवाड़ा में जनप्रतिनिधियों के बीच और भी ज़्यादा ख़ौफ़ है.

इससे पहले दंतेवाड़ा के विधायक भीमा मंडावी ने राज्य सरकार से अनुरोध किया था कि उनकी सुरक्षा बढ़ा दी जाए.

पिछले एक साल में इस इलाके में राजनितिक कार्यकर्ताओं पर माओवादियों के हमलों की कई वारदातें हुईं हैं.

यही कारण है कि बस्तर से चुने गए जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्रों में जाने से कतरा रहे हैं.

विस्फोट

पुलिस का कहना है कि जब पुलिस और अर्द्ध सैनिक बल के जवान कुआँ कोंडा थाना क्षेत्र के बर्मा स्थित मुंडाराम सोढ़ी के गाँव से वापस लौट रहे थे तो माओवादियों नें बारूदी सुरंग का विस्फोट किया जिसमे केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल के दो जवान घायल हुए हैं.

यह विस्फोट पालनार और कुआँकोंडा के बीच किया गया.

घायल जवान सीआरपीएफ़ की 11वीं बटालियन के बताए जाते हैं. इसके अलावा कांकेर जिले के तुमनार गाँव में जन अदालत लगाकर माओवादियों नें एक ग्रामीण युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी.

युवक की शिनाख़्त संजय गोंता के रूप में की गई है और बताया जाता है कि जन अदालत में युवक के परिजन भी मौजूद थे जो माओवादियों से उसकी ज़िंदगी के लिए फ़रियाद करते रहे. वहीं बीजापुर के दम्पाया और मांदेड में माओवादियों ने दो ग्रामीणों की गोली मारकर हत्या कर दी है.

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