बलात्कार में असफल रहे तो आंख में चाकू मारा

Image caption पिछले दिनों में बलात्कार के कई जघन्य मामले सामने आए हैं.

लखीमपुर ज़िले के एक थाने में एक नाबालिग लड़की के साथ कथित दुराचार के बाद ह्त्या के मामले में अभी कोई गिरफ़्तारी भी नही हो पाई थी कि उत्तर प्रदेश में कमज़ोर वर्गों की दो और बच्चियों के साथ क्रूर दुराचार और घातक हमले के मामले सामने आये हैं.

पुलिस के अनुसार कन्नौज के गुरसहायगंज थाने में रोंगटे खड़े कर देने वाली एक घटना में एक लड़की के साथ बलात्कार में असफल रहने के बाद दुराचारियों ने उसकी आँखों में चाक़ू घोंप दिया.

लड़की इस समय कानपुर के एक अस्पताल में भर्ती है. डाक्टर का कहना है कि उसकी दोनों आँखों में गंभीर चोट हैं . संभव है कि आँखों की रौशनी वापस न आए.

पीड़ित लड़की के मां-बाप को शिकायत है कि पुलिस ने उसकी कोई मदद नही की और रपट लिखने से भी मना कर दिया.

दो निलंबित, एक गिरफ़्तार

शिकायत मिलने पर सरकार ने रपट लिखने में आनाकानी के लिए सब-इंस्पेक्टर शिव शंकर सिंह और सिपाही फ़खरुद्दीन को निलंबित कर दिया.

शासन के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने लड़की के साथ दुराचार और ह्त्या के प्रयास का नामजद मुकदमा कायम कर लिया. पुलिस ने दो नामजद अभियुक्तों में से एक निरंजन यादव को गिरफ्तार कर लिया है.

जिला पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र सिंह के अनुसार यह घटना पिछले शुक्रवार को उस समय हुई जब वो लड़की शौच के लिए घर से बाहर गई थी.

गाँव के ही दो युवकों कुलदीप लोनिया और निरंजन यादव ने उसके साथ छेड़छाड़ की.

लड़की द्वारा विरोध करने पर उस पर चाकू डंडे से हमला किया. दुराचारी युवकों ने लड़की को पकड़ कर उसकी दोनों आँखों में चाक़ू घोंप दिया.

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Image caption कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने सरकार पर निशाना साधा है.

घायल युवती के मां-बाप गरीब हैं और वो उसका सही इलाज कराने में भी समर्थ नही हैं. मां-बाप की शिकायत है कि अभी तक उन्हें सरकार से कोई मदद नही मिली है.

कन्नौज से लोक सभा सदस्य और समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पीड़ित परिवार को दस लाख रूपये की आर्थिक सहायता और दोषी हमलावर युवकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.

बस्ती में भी बलात्कार

एक दूसरे मामले में बस्ती ज़िले से खबर है कि वहाँ रानीपुर बेलादी गाँव में एक दलित युवती के साथ शनिवार को बलात्कार हुआ. पीड़ित युवती के पिता सत्ती सिंह ने आरोप लगाया है कि उसकी बेटी के सीने पर बंदूक रखकर दुराचार किया गया.

पुलिस ने रपट दर्ज कर ली है.

राजनीति तेज़

दोनों घटनाओं को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार को आड़े हाथों लिया है.

कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश में महिलायें सुरक्षित नही हैं और कानून व्यवस्था चरमरा गयी है.

दिग्विजय सिंह के अनुसार, “बीएसपी के पदाधिकारी पुलिस पर नाजायज़ दबाव डालते हैं, इस कारण पुलिस अपना काम नही कर पा रही है. कमाऊ पोस्टिंग के चक्कर में पूरा प्रशासन कमाई पर लगा है.''

समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा है कि, '' प्रदेश में पुलिस रक्षक की जगह भक्षक बन गई है. पुलिस थानों में रेप होने लगा है.''

चौधरी के अनुसार, '' वर्षो पूर्व न्यायमूर्ति स्वर्गीय आनन्द नारायण मुल्ला की यह टिप्पणी कि ‘‘पुलिस अपराधियों का संगठित गिरोह है’’ बसपा राज में पूरी तरह चरितार्थ हो रही है.''

सरकार का बयान

Image caption मुख्यमंत्री मायावती ने सीधे तौर पर इस मामले पर फ़िलहाल कोई बयान नहीं दिया है.

सरकार की ओर से सूचना सचिव प्रशांत त्रिवेदी ने एक प्रेस कांफ्रेंस करके विपक्ष के इन आरोपों को निराधार बताया कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था बिलकुल ध्वस्त हो गई है और अपराधियों को खुली छूट मिली हुई है.

त्रिवेदी ने कहा, '' किसी भी घटना की जानकारी मिलने पर शासन और प्रशासन बहुत सख्त रवैया अपनाता है. सरकार कानून व्यवस्था को बनाए रखने और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख़्ती के साथ कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है.''

उन्होंने कहा कि इसीलिए कन्नौज में समय पर रपट न लिखने के आरोप में दो पुलिस वाले निलंबित किए गए हैं.

त्रिवेदी के अनुसार दुराचार और हमले के दोनों आरोपी युवक समाजवादी पार्टी के समर्थक और सामान्य कार्यकर्ता हैं.

उनका कहना है कि बस्ती में बलात्कार के आरोपी की गिरफ्तारी की कोशिश की जा रही है.

खीरी के सोनम ह्त्या कांड में सीआईडी जांच में तीन पुलिस वाले संदिग्ध पाए गए हैं और उनको शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा.

बहुजन समाज पार्टी की सफाई

सत्तारूढ़ बहुजन समाज पार्टी की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में विपक्ष के इन आरोपों को हास्यास्पद और निराधार बताया गया है कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त है.

बीएसपी प्रवक्ता ने कहा कि विपक्षी दलों को कन्नौज की घटना का राजनीतिकरण नही करना चाहिए.

कांग्रेस नेताओं के बयान का हवाला देते हुए बीएसपी प्रवक्ता ने कहा, '' बीएसपी सरकार की कानून व्यवस्था दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान से काफी बेहतर है.''

प्रेस विज्ञप्ति में बीएसपी प्रवक्ता का नाम नही दिया गया है.

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