थम नहीं रहा अपराधों का सिलसिला

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एटा ज़िले में एक महिला के साथ कथित तौर पर दुराचार होने और ज़िंदा जलाए जाने का मामला सामने आया है. पुलिस ने काफ़ी हीलाहवाली के बाद रपट लिख ली है , लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नही हो पाई है.

राज्य में महिलाओं और बच्चियों के साथ एक के बाद एक दुराचार , हत्या और आँख फोड़ने की घटनाओं और पुलिस की हीलाहवाली से विपक्ष उतर प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त होने और अराजकता के आरोप लगा रहा है.

जबकि मायावती सरकार का कहना है कि यहाँ हालात अन्य राज्यों से बेहतर हैं.

एटा के पुलिस अधीक्षक लक्ष्मी चंद का कहना है कि वह घटनास्थल पर हो आए हैं और निधौली कलां थाने में रपट लिखी जा रही है. पुलिस अधीक्षक के अनुसार मृत युवती के परिवार वालों ने अपनी रपट में आरोप लगाया है कि उसे जलाने से पहले बलात्कार हुआ. घटना रविवार की रात हुई बताई जाती है.

परिवार वालों का कहना है, “युवती अपने घर के बाहर ही थी जब पांच लोग आए और वे उसका गला दबाकर घर के अंदर ले गए. इन लोगों ने युवती के साथ जबरन दुराचार किया. युवती ने चिल्ला कर उनके नाम लिए. पहचान खुल जाने से भयभीत अपराधियों ने पीड़ित के ऊपर मिटटी का तेल छिड़क कर आग लगा दी. वे घर से तभी गए , जब युवती ने दम तोड़ दिया.”

परिवार के लोग जब पुलिस के पास गए , तो पुलिस ने बलात्कार का मामला दर्ज करने में आनाकानी की. पुलिस वाले इसे लूट का मामला बता रहे थे.

शिकायत मिलने पर पुलिस अधीक्षक स्वयं मौके पर गए और तब जाकर उनकी रपट दर्ज हुई. पुलिस अधीक्षक का कहना है कि अभियुक्तों की गिरफ्तारी के प्रयास हो रहे हैं.

अभी कुछ दिन पहले ही लखीमपुर ज़िले में एक नाबालिग लड़की के साथ कथित दुराचार और ह्त्या का मामले सामने आया था.

इसके अलावा उत्तर प्रदेश पुलिस ने ये भी कहा है कि एक दिन पहले कन्नौज में एक लड़की का कथित तौर पर बलात्कार करने में असफल रहने के बाद दुराचारियों ने उसकी आँखों में चाक़ू घोंप दिया है. लड़की इस समय कानपुर के एक अस्पताल में भर्ती है.

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