माया सरकार पर दबाव बढ़ा

Image caption एक महिला मुख्यमंत्री के राज में महिलाओं की बढ़ती असुरक्षा पर विपक्ष सवाल खड़े रहा है.

उत्तर प्रदेश में पिछले चौबीस घंटों में महिलाओं के साथ बलात्कार, जलाने और ह्त्या की कई घटनाएं सामने आने से माया सरकार बचाव की मुद्रा में है, जबकि विपक्ष हमले तेज़ कर रहा है.

इस बीच उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग ने राज्य में बढती महिलाओं की हत्या और बलात्कार की घटनाओं के सिलसिले में जवाब माँगा है.

आयोग के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस विष्णु सहाय ने बीबीसी को बताया कि स्थानीय अख़बारों में इन घटनाओं में आई वृद्धि की खबरें पढने के बाद उन्होंने इन घटनाओं पर चिंता ज़ाहिर की है और राज्य सरकार से तुरंत सफ़ाई देने को कहा है.

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एटा जिले सभापुर गाँव में रविवार की रात एक महिला के साथ दुराचार के बाद उसे ज़िंदा जला दिया गया. महिला ने अस्पताल में बयान दर्ज कराने के बाद दम तोड़ दिया.

पुलिस ने काफी हीलाहवाली के बाद रपट लिख ली है, लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नही हो पाई है.

एटा के पुलिस अधीक्षक लक्ष्मी चंद का कहना है कि वह घटनास्थल पर हो आये हैं और निधौली कलां थाने में रपट लिखी जा रही है.

लक्ष्मी चंद के अनुसार मृत युवती के परिवार वालों ने अपनी रपट में आरोप लगाया है कि महिला को जलाने से पहले बलात्कार हुआ. पुलिस अधीक्षक का कहना है कि अभियुक्तों की गिरफ्तारी के प्रयास हो रहे हैं.

Image caption पुलिस पर आरोप है कि रिपोर्ट दर्ज करने में अक्सर आनाकानी की जाती है.

राजधानी लखनऊ में विशेष पुलिस महानिदेशक बृज लाल ने दोपहर में प्रेस कांफ्रेंस बुलाकर सफाई दी कि यह सामूहिक बलात्कार का मामला नही है. मृत महिला ने केवल एक युवक सुनील यादव पर ही बलात्कार का आरोप लगाया है.

पिछले चौबीस घंटों में राज्य के कई हिस्सों से बलात्कार और उसके बाद हत्या की ख़बरें आई हैं.

गोंडा, फ़रूखाबाद, बाराबंकी, कानपुर इन सभी जगहों से बलात्कार, हत्या, छेड़खानी की ख़बरें टीवी चैनलों पर चल रही हैं और सरकार पर दबाव बढ़ता नज़र आ रहा है.

विशेष पुलिस महा निदेशक बृज लाल ने सफाई दी कि , जितनी भी घटनाएं हुई हैं प्रशासन ने त्वरित कार्यवाही की है. उनका कहना है कि यह छिटपुट घटनाएँ हैं.

इस बीच कन्नौज में युवती के साथ दुराचार के प्रयास और आँख फोड़ने के मामले में फरार चल रहे एक अभियुक्त निरंजन यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है. एक अन्य अभियुक्त कुलदीप लोनिया पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था.

सूचना सचिव प्रशांत त्रिवेदी ने मीडिया को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इन सब घटनाओं को जोड़कर निष्कर्ष न निकालें. जो कुछ संभव है किया जा रहा है.

त्रिवेदी के अनुसार यह कहना गलत है कि उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक क्षमता में कमी आयी है.

लेकिन विपक्ष इन तर्कों से संतुष्ट नही है. विपक्षी सामजवादी पार्टी , कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के नेता उतर प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त होने और अराजकता के आरोप लगा रहे हैं.

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