मैं भाजपा में ही रहूंगाः गोपीनाथ मुंडे

  • 22 जून 2011
Image caption गोपीनाथ मुंडे महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता है.

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता गोपीनाथ मुंडे ने कहा है कि वो पार्टी में ही रहेंगे और वो कहीं नहीं जा रहे हैं.

मुंडे ने कहा, "मैं स्वयं भारतीय जनता पार्टी में हूँ, भारतीय जनता पार्टी में ही रहूँगा. जो ख़बरें चल रही हैं कि मैं भारतीय जनता पार्टी छोड़ रहा हूँ, वो ग़लत हैं. पार्टी नेताओं से मेरी बात चल रही है."

मुंडे ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल से मुलाकात की अफवाहों को भी सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि वो अहमद पटेल से ज़िंदगी में कभी नहीं मिले हैं.

गोपीनाथ मुंडे ने कहा कि वो लगातार पार्टी के वरिष्ठ सदस्यों और लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज के संपर्क में हैं.

पिछले कुछ दिनों से मीडिया में आ रही ख़बरों के मुताबिक मुंडे पार्टी नेतृ्त्व से नाराज़ चल रहे थे.

मुंडे के वक्तव्य से पहले ऐसी अटकलें तेज़ हो गई थीं कि वो भाजपा छोड़कर कांग्रेस जा सकते हैं.

रिपोर्टों की माने तो मुंडे को लग रहा था कि पार्टी में उन्हें अलग-थलग करने की कोशिश की जा रही थी और इसके पीछे पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी का कैंप काम कर रहा था.

गोपीनाथ मुंडे के नज़दीकियों के मुताबिक उनकी नाराज़गी का मुख्य कारण था उनके एक समर्थक को पुणे में पार्टी का अध्यक्ष ना बनाया जाना.

लेकिन मुंडे ने आज कहा, "मेरे मन में पीड़ा है, समर्थकों के मन में भी पीड़ा है. मैने वो पीड़ा मीडिया को नहीं बताई. बार-बार मैंने मीडिया से कहा है कि मैं पार्टी के नेताओं से बातचीत करूँगा और समाधान ढूँढूंगा."

भारतीय जनता पार्टी में उन्हें मनाने की कोशिशें तेज़ थीं और आज के उनके इस वक्तव्य से पार्टी नेतृ्त्व ने फ़िलहाल राहत की साँस ली होगी.

पार्टी को डर था कि इस नाज़ुक वक्त में मुंडे के कांग्रेस में चले जाने से पार्टी को झटका लगेगा और उमा भारती और कल्याण सिंह के बाद एक और ओबीसी नेता के प्रति उसके रवैये पर सवाल भी उठेंगे.

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