सीएमओ हत्याकांड अभियुक्त की मौत

  • 22 जून 2011
मायावती सरकार
Image caption ब़ढती आपराधिक घटनाओं के चलते मायावती सरकार की आलोचना तेज़ हो गई है.

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सनसनीखेज और बहुचर्चित सीएमओ हत्याकांड षडयंत्र के मुख्य अभियुक्त डाक्टर योगेन्द्र सिंह सचान की बुधवार शाम लखनऊ जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है.

राज्य के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि डाक्टर सचान जेल अस्पताल के बाथरूम में मृत पाए गए.

डाक्टर सचान की मृत्यु के मामले में जेल महानिरीक्षक ने बताया है कि उन्होंने बुधवार को लखनऊ जि़ला जेल के अस्पताल के प्रथम तल के बाथरूम में आत्महत्या कर ली. इस घटना के सम्बन्ध में न्यायिक जांच कराई जाएगी.

इस बात की जानकारी देते हुए जेल महानिरीक्षक ने बताया कि जेल अधीक्षक बीएस मुकुन्द और जेल डॉक्टर वीवी त्रिपाठी के अनुसार डाक्टर सचान जेल अस्पताल के प्रथम तल के बाथरूम में मृत मिले.

जेल अधीक्षक और जेल डाक्टर ने बताया कि इस आत्महत्या की जानकारी तब हुई जब जेल अस्पताल में डाक्टर सचान गिनती के दौरान अनुपस्थित पाए गए.

उनकी खोज करने पर वे अस्पताल के प्रथम तल के बाथरूम में मृत पाए गए.

उत्तर प्रदेश सरकार ने यह माना था कि लखनऊ के सीएमओ (परिवार कल्याण) डाक्टर बी पी सिंह और उनसे पहले डाक्टर आर्य की ह्त्या विभाग में ग्रामीण स्वास्थ्य योजना के कथित तौर पर हुई करोड़ों रुपयों की लूट के चलते हुई थी.

माना जाता है कि इस लूट का पैसा सरकार में ऊपर बैठे लोगों तक जाता था.

इसी के चलते मुख्यमंत्री मायावती ने स्वास्थ्य मंत्री अनंत मिश्र और परिवार कल्याण मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा से इस्तीफा ले लिया था.

लेकिन उससे मामल दबा नही. विपक्ष और डाक्टर बीपी सिंह के परिवार के लोग सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं.

विपक्ष की प्रतिक्रया

राज्य में विपक्षी दलों ने घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है.

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि डाक्टर योगेन्द्र सिंह सचान की आत्महत्या से यह मामला और गहरा गया है, अब सीबीआई ही इस मामले की सच्चाई को बाहर ला सकती है.

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सीबीआई जांच के लिए अविलंब आदेश करे और इस जांच के दायरे में डाक्टर सचान द्वारा की गई आत्महत्या को भी शामिल करे.

माना जाता है कि सीबीआई जांच में इस बात का खु़लासा हो सकता है कि आखिर यह पैसा सरकार में ऊपर तक कहाँ जाता था.

डाकार सचान ही वह व्यक्ति थे जिन्हें इसकी पूरी जानकारी थी. अब जिस तरह जेल से उनके मरने की खबर आई है उसे संदेह की नजर से देखा जा रहा है.

भारतीय जनता पार्टी ने भी मामले में सीबीआई जांच की मांग पर बल दिया है.

भाजपा प्रवक्ता और विधान परिषद सदस्य हृदयनारायण दीक्षित ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के करोड़ो रूपये के गोलमाल की तमाम जानकारियां डाक्टर सचान के पास थीं.

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