सत्य साईं ट्रस्ट को राज्य सरकार का नोटिस

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आंध्र प्रदेश सरकार ने सत्य साईं केंद्रीय ट्रस्ट को नोटिस जारी कर उससे तमाम वित्तीय लेन-देन और संपत्ति का ब्योरा देने को कहा है.

राज्य प्रशासन ने ट्रस्ट से कहा है की वह नोटिस का जवाब 10 दिनों के भीतर दे.

नोटिस में ट्रस्ट के सदस्यों और अधिकारियों की पृष्ठभूमि पर भी जानकारी मांगी गई है और यह भी पूछा गया है कि ट्रस्ट के पास किन- किन देशों से पैसे आते हैं और उसे किस तरह ख़र्च किया जाता है.

साईं ट्रस्ट से पिछले पांच सालों का पूरा वित्तीय लेखा-जोखा देने की माँग की गई है. प्रशासन ने इस संबंध में उसके आडिटर के बारे में भी जानकारी मांगी माँगी है. नोटिस एक ऐसे समय जारी किया गया है जबकि ट्रस्ट को लेकर हर दिन कोई न कोई नया विवाद सामने आ रहा है.

सोमवार को अनंतपुर ज़िले की पुलिस ने ट्रस्ट के एक वरिष्ट सदस्य वी श्रीनिवासन से लंबी पूछताछ की जो छह घंटे चली. पूछताछ 35 लाख रूपए की ज़ब्ती के मामले में की गई थी.

पुलिस का कहना है कि यह राशि सत्य साईं के प्रशांति निलयम आश्रम से चोरी छुपे बंगलौर भिजवाई जा रही थी.

इस मामले में जिन तीन व्यक्तियों को पकड़ा गया था उन्होंने पुलिस से कहा है कि उन्हें यह राशि ट्रस्ट के दो सदस्यों, आर जे रत्नाकर और वी श्रीनिवासन के सामने दी गई थी.

जे रत्नाकर साईं बाबा के भतीजे है और पुलिस उनसे पहले ही पूछताछ कर चुकी है.

ट्रस्ट के सदस्यों ने कुछ दिनों पहले साईं बाबा की रिहाइशगाह के पास बने यजुर्वेद मंदिर को खोलने के बाद कहा कि वहाँ 11 करोड़ रुपये नक़द, 98 किलो सोना और 376 किलो चाँदी मिली है.

इसके बाद पुलिस ने 35 लाख रुपये ज़ब्त किए जिसके बाद पुट्टपर्ति में हंगामा खड़ा हो गया और आरोप लगने लगे कि कुछ लोग साईं बाबा की छोड़ी संपत्ति में घोटाला कर रहे हैं. मांग उठ रही है कि सरकार ट्रस्ट को अपने नियंत्रण में ले ले.

हालाँकि सरकार ने इस मामले में कुछ नहीं कहा है लेकिन नोटिस जारी होने के बाद पूरे मामले में एक नया मोड़ आ गया है.

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