नीरज ग्रोवर हत्याकांड पर फ़ैसला

मुंबई पुलिस(फ़ाईल फ़ोटो)
Image caption मुंबई पुलिस के क्राइम ब्रांच के लिए अदालत का फ़ैसला एक बड़ा झटका है.

मुंबई के बहुचर्चित नीरज ग्रोवर हत्याकांड मामले में अदालत ने फ़ैसला सुना दिया है.

मुंबई के एक सेशंस कोर्ट ने बालाजी टेलीफ़िल्म्स के क्रिएटिव डायरेक्टर नीरज ग्रोवर के क़त्ल के मामले में नेवी में काम करने वाले एमिली जेरोम मैथ्यू को ग़ैर-इरादतन हत्या का दोषी क़रार दिया है.

साथ ही अदालत ने मैथ्यू की मंगेतर और कन्नड़ अभिनेत्री मारिया सुसाइराज को हत्या के आरोप से बरी करते हुए उन्हें केवल सबूत मिटाने की दोषी क़रार दिया है.

इस मामले में शुक्रवार को सज़ा का ऐलान होगा.

'निराशा'

नीरज के पिता अमरनाथ ग्रोवर ने कहा कि वो इस फ़ैसले से बहुत निराश हैं. उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने मामले की ठीक तरह से जांच नहीं की है.

सरकारी वकील ने भी फ़ैसले पर हैरानी जताते हुए कहा कि वे निचली अदालत के फ़ैसले के ख़िलाफ़ हाई कोर्ट में चुनौती देंगे.

जाने-माने वकील माजिद मेमन ने भी एक टीवी चैनल से बातचीत के दौरान कहा कि ये हत्या बहुत घिनौने तरीक़े से की गई थी और अभियुक्तों को बहुत कम सज़ा दी गई है. उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले में ज़रूर उच्च न्यायालय जाना चाहिए.

लकिन मारिया के वकील शरीफ़ शेख़ ने कहा कि पुलिस के किसी भी आरोप को अभियोजन पक्ष साबित नहीं कर पाया. उन्होंने कहा कि उनकी मुवक्किल ने अदालत में इक़बालिया बयान दिया था और अदालत ने इसे सही मानते हुए ही सज़ा सुनाई है.

नीरज ग्रोवर की हत्या सात मई, 2008 को हुई थी. हत्या के बाद नीरज की लाश के 300 टुकड़े किए गए थे और उन्हें बैग में पैक कर शहर से दूर ले जाकर जला दिया.

नीरज की हत्या के बाद ख़ुद मारिया ने मालाड पुलिस थाने में जाकर उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी.

लेकिन छानबीन के बाद पुलिस ने मारिया और जेरोम मैथ्यू को इस मामले में गिरफ़्तार किया था. मैथ्यू पर आरोप था कि उसने नीरज ग्रोवर को इसलिए मार डाला, क्योंकि उसे शक था कि उसकी मंगेतर मारिया और नीरज के बीच रिश्ता है.

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