मारिया की प्रेस कॉफ्रेंस में हंगामा

मुंबई पुलिस (फ़ाईल फ़ोटो) इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption जाँच अधिकारी और वकील ने कहा है कि वे इस फ़ैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे

मुंबई के बहुचर्चित नीरज ग्रोवर हत्याकांड मामले में सबूत मिटाने की दोषी क़रार दी गई कन्नड़ अभिनेत्री मारिया सुसाइराज ने जेल से रिहा होने के बाद एक प्रेस कांफ्रेस की और कहा वो निर्दोष हैं.

भारतीय समाचार चैनलों पर लाइव दिखाई गई यह प्रेस कॉफ्रेंस मारिया और उनके वकील की ओर से की गई और इस दौरान काफ़ी हंगामा हुआ.

संवाददाताओं को संबोधित करते हुए मारिया के वकील ने कहा, ''मामले में विरोधी पक्ष लगातार यह कहता रहा है कि हत्या नृशंस तरीके से की गई और हत्या के बाद नीरज ग्रोवर के शरीर के 300 टुकड़े किए गए लेकिन यह आरोप गलत है.''

मारिया के वकील ने जले हुए शव की कुछ तस्वीरें दिखाते हुए कहा कि इन तस्वीरों से यह साफ हो जाता है कि शव के टुकड़े नहीं किए गए.

इस दौरान नीरज ग्रोवर के लिए न्याय की मांग कर रहे उनके कुछ दोस्त और साथी भी हाथों में पोस्टर लिए प्रेस सम्मेलन में पहुंच गए.

माहौल हुआ नाटकीय

मारिया ने कहा कि वो अभी तक इस बात से उबरी नहीं हैं कि वो इस मामले में अभियुक्त रहीं और उन्हें नीरज ग्रोवर के माता-पिता से हमदर्दी है.

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान माहौल बेहद नाटकीय हो गया.

प्रेस कॉफ्रेंस में आए नीरज ग्रोवर के साथियों ने संवाददाताओं से कहा कि उनका मकसद मारिया को यह जताना है कि वो भले ही फिलहाल छूट गई हैं लेकिन आखिरकार उन्हें जवाब देना होगा.

मारिया की रिहाई पर मीजिया में बहस छिड़ गई है और इस मामले में सुनाई गए फैसले पर लगातार खबरें छप रही हैं.

मारिया की रिहाई से नीरज ग्रोवर का परिवार बेहद दुखी है. नीरज की मां का कहना है कि मारिया सिर्फ़ सबूत मिटाने की दोषी नहीं बल्कि उनके अनुसार मारिया ने उनके बेटे की हत्या की थी.

गुरुवार को उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा था कि पुलिस ने मामले की ठीक तरह से जांच नहीं की है.

इस मामले में अदालत ने नौसेना में पदस्थ एमिली जेरोम मैथ्यू को ग़ैर इरादतन हत्या का दोषी क़रार देते हुए दस साल की सज़ा सुनाई गई है.

चर्चित हत्याकांड

नीरज ग्रोवर की हत्या सात मई, 2008 को हुई थी.

जांचकर्ताओं के मुताबिक हत्या के बाद नीरज की लाश के 300 टुकड़े किए गए थे और उन्हें बैग में पैक कर शहर से दूर ले जाकर जला दिया गया था.

नीरज की हत्या के बाद ख़ुद मारिया सुसाइराज ने मालाड पुलिस थाने में जाकर उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी.

लेकिन छानबीन के बाद पुलिस ने मारिया और जेरोम मैथ्यू को इस मामले में गिरफ़्तार किया था.

मैथ्यू पर आरोप था कि उसने नीरज ग्रोवर को इसलिए मार डाला, क्योंकि उसे शक था कि उसकी मंगेतर मारिया सुसाइराज और नीरज ग्रोवर के बीच रिश्ता है.

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