'कलमाड़ी को नमकीन खिलाना महंगा पड़ा'

  • 2 जुलाई 2011
सुरेश कलमाड़ी इमेज कॉपीरइट Reuters
Image caption रिपोर्ट के मुताबिक सुरेश कलमाड़ी कथित तौर पर जेल अधिकारी के साथ उनके कमरे में नाश्ता कर रहे थे.

अख़बार में छपी एक रिपोर्ट के बाद जिसमें कहा गया था कि पूर्व भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन प्रमुख सुरेश कलमाड़ी तिहाड़ के जेल नंबर चार के सुप्रिटेंडेंट एससी भारद्वाज के साथ कथित तौर पर चाय और नमकीन के मज़े ले रहे थे, मामले की जाँच के आदेश दे दिए गए हैं और भारद्वाज का तबादला कर दिया गया है.

हालाँकि तिहाड़ जेल के जनसंपर्क अधिकारी सुनील गुप्ता के मुताबिक़ भारद्वाज के तबादले का अख़बार में छपी ख़बर से कोई लेना-देना नहीं है, और ये सामान्य तबादला है.

सुनील गुप्ता ने कहा, ‘पोर्टब्लेयर में उनका तबादला एक महीने पहले ही हो चुका था. ये तबादला कल नहीं किया गया.’

उधर तिहाड़ जेल के डीआईजी आरएन शर्मा ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि अगर ऐसी घटना हुई है तो ये बेहद खेदजनक है और ऐसा नहीं होना चाहिए था.

उन्होंने कहा, ‘मैं इस बारे में अफ़सरों की एक बैठक बुला रहा हूँ. मैने मामले की जाँच के आदेश दे दिए हैं और 48 घंटों में रिपोर्ट तलब की है. सोमवार को दोपहर बारह बजे तक जाँच रिपोर्ट मिल जाएगी.’

रिपोर्ट

दरअसल अख़बार टाईम्स ऑफ़ इंडिया में शनिवार को छपी एक ख़बर के मुताबिक़ ट्रायल कोर्ट के जज ब्रजेश कुमार गर्ग तिहाड़ जेल के दौर पर अचानक वहाँ आ पहुँचे और ये देख कर आश्चर्यचकित रह गए कि राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजक समिति के पूर्व प्रमुख सुरेश कलमाड़ी जेल नंबर चार के सुप्रिटेंडेंट एससी भारद्वाज के कमरे में उनके साथ कथित तौर पर नाश्ता कर रहे थे.

कलमाड़ी राष्ट्रमंडल खेलों में कथित भ्रष्टाचार के मामले में न्यायिक हिरासत में जेल नंबर चार में बंद हैं.

अख़बार में छपी रिपोर्ट के मुताबिक़ गर्ग ने पाया कि राष्ट्रमंडल खेल घोटाला, 2-जी स्पेक्ट्रम घोटाला जैसे विभिन्न भ्रष्टाचार मामलों में तिहाड़ में क़ैद लोगों के जेल के दरवाज़े कथित तौर पर बंद नहीं थे.

रिपोर्ट के मुताबिक़ नीतीश कटारा हत्याकांड में सज़ा काट रहे विकास और विशाल यादव जेल के बाहर बग़ीचे में कथित तौर पर उस समय टहल रहे थे जब उनके टहलने के समय समाप्त हो चुका था.

रिपोर्ट में गर्ग को ये कहते बताया गया है कि, ''निरीक्षण में पाया गया कि जेल के किसी भी अधिकारी को उम्मीद नहीं थी कि गर्मियों की छुट्टी में कोई जज जेल के निरीक्षण के लिए आएगा और जेल अधिकारियों ने हाईप्रोफ़ाईल मुलज़िमों को ज़रूरत से ज़्यादा आज़ादी दी है लेकिन ऐसा करने का क्या कारण है, उन्हें ही पता होगा.''

बचाव

उधर भारद्वाज और जाँच के घेरे में आ रहे जेल अधिकारियों का कहना है कि सुरेश कलमाड़ी दरअसल अस्पताल जाने के लिए गा़ड़ी का इंतज़ार कर रहे थे, और इसी दौरान उन्होंने जेल सुप्रिटेंडेंट भारद्वाज के साथ नाश्ता किया.

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