मोइली ने बदला सुर, कहा मैं ख़ुश हूं

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Image caption एम वीरप्पा मोइली अब कॉरपोरेट मामलों का मंत्रालय देखेंगे.

क़ानून मंत्रालय से हटाए जाने के बाद नाराज़ चल रहे वीरप्पा मोइली ने अपना सुर बदलते हुए कहा है कि अब वो अपने मंत्रालय से खुश हैं.

बुधवार को कॉरपोरेट मामलों का मंत्रालय संभालने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मोइली ने कहा, ''प्रधानमंत्री और सोनिया गांधी ने मुझ पर भरोसा करके मुझे ये ज़िम्मेदारी सौंपी है''

इससे पहले मंगलवार को केंद्रीय मंत्रीमंडल में हुए फेरबदल के बाद एम.वीरप्पा मोइली को क़ानून मंत्रालय से हटाकर उन्हें कॉरपोरेट मामलों का मंत्री बनाया गया था.

इस फेरबदल से वो काफ़ी नाराज़ हुए थे और यहां तक कह दिया था कि उन्हें केंद्रीय मंत्रीमंडल में क़ानून मंत्रालय से हटाकर कॉरपोरेट मामलों का मंत्रालय दिए जाने के पीछे कुछ लोगों के निहित स्वार्थ का अभियान है.

मोइली ने कहा था कि उन्हें दूसरे मंत्रालयों के 'पाप' के लिए फांसी पर नहीं चढ़ाया जा सकता.

केंद्रीय मंत्रीमंडल के विस्तार के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मोइली ने कहा था, "निहित स्वार्थ वाले लोगों ने एक अभियान चलाया है. उन्हें मालूम था कि सुधार सबके लिए सुखद नहीं होंगे. मैंने जो कुछ किया वो देश हित में किया. जिन मुकदमों में हम विफल रहे उसके पीछे प्रशासनिक मंत्रालयों की चूक है. इस विफलता में क़ानून मंत्रालय की कोई भूमिका नहीं थी. हम तो अदालत में सिर्फ़ सरकार का चेहरा मात्र थे."

हालांकि मोइली ने साफ़ कुछ नहीं कहा लेकिन शायद वो काले धन, 2जी मामले और सलवा जुडुम पर न्यायापालिका से मिली तल्ख़ टिप्पणियों की ओर इशारा कर रहे थे.

उन्होंने कहा था कि प्रशासनिक मंत्रालयों की ग़लतियां उनके मंत्रालय पर नहीं थोपी जा सकती हैं.

2जी मामले में प्रशासनिक मंत्रालय टेलीकॉम है,काले धन के मामले में वित्त और सलवा जुडुम मामले में गृह मंत्रालय.

लेकिन मोइली ज़ोर देकर कहा कि वो नए पदभार से नाख़ुश नहीं हैं. उन्होंने कहा कि कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय का जिम्मा एक चुनौती है जिसे वो कॉरपोरेट जगत को 'तुरंत न्याय' दिलाकर एक अवसर में बदलेंगे.

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