विवादों के बीच मंत्रिमंडल में फेरबदल

मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी इमेज कॉपीरइट AP

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने मंत्रालय में बड़े फेरबदल किए हैं. लेकिन राष्ट्रपति भवन में शपथ ग्रहण समारोह में दो मंत्री नहीं पहुँचे.

श्रीकांत जेना और गुरुदास कामत इस शपथ ग्रहण समारोह में नहीं पहुँचे. दोनों पहले राज्य मंत्री थे और प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक़ दोनों को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बना दिया गया था.

श्रीकांत जेना को सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन विभाग दिया गया था. इसके साथ ही उन्हें इस्पात और उर्वरक विभाग में राज्य मंत्री बनाए रखा गया था.

गुरुदास कामत को पेय जल और सफ़ाई विभाग का राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया था. पहले वे दूरसंचार और सूचना तकनीक मंत्रालय में राज्य मंत्री थे.

माना जा रहा है कि दोनों मंत्री विभागों में फेरबदल से नाराज़ थे.

Image caption जयराम रमेश को पदोन्नति देते हुए कैबिनेट मंत्री बनाया गया है.

इस फेरबदल में मंत्रालय में कुछ नए चेहरे आए हैं, तो कुछ के विभाग बदल दिए गए हैं और कुछ का पत्ता पूरी तरह साफ़ हो गया है.

जैसी की अपेक्षा थी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सबसे महत्वपूर्ण चार मंत्रालयों वित्त, गृह, विदेश और रक्षा को न छेड़ते हुए चार नए कैबिनेट मंत्रियों को अपने मंत्रिमंडल में शामिल किया है.

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए इस्पात राज्य मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा को पदोन्नति देते हुए कैबिनेट मंत्री बनाया गया है. तृणमूल कांग्रेस के दिनेश त्रिवेदी नए रेल मंत्री होंगे.

पर्यावरण राज्य मंत्री जयराम रमेश को भी तरक्की देकर ग्रामीण विकास मंत्रालय का कैबिनेट मंत्री बनाया गया है.

आंध्र प्रदेश के वरिष्ठ सांसद किशोर चंद्र देव को जनजातीय और पंचायती मामलों का नया कैबिनेट मंत्री बनाया गया है. राज्य सभा सांसद जयंती नटराजन को पहली बार जयराम रमेश के स्थान पर हाई प्रोफ़ाइल पर्यावरण मंत्रालय के राज्य मंत्री का स्वतंत्र प्रभार सौंपा गया है.

स्वतंत्र प्रभार

असम को प्रतिनिधित्व देने के उद्देश्य से डिब्रूगढ़ के सांसद पबन सिंह घटोवर को पूर्वोत्तर क्षेत्र मामलों का स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री बनाया गया है.

इसके अलावा पांच नए राज्य मंत्री शामिल किए गए हैं.

इनमें तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंधोपाध्याय हैं जिन्हें स्वास्थय और पर्यावरण की ज़िम्मेदारी दी गई है. छत्तीसगढ़ के एक मात्र सांसद चरण दास महंत को कृषि और खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय दिया गया है.

राहुल गांधी के बेहद करीबी और अलवर के सांसद जितेंद्र सिंह को नया गृह राज्य मंत्री बनाया गया है.

मुरली देवड़ा के पुत्र मिलिंद देवड़ा को राज्य मंत्री बना कर संचार और सूचना तकनीक विभाग की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है. उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद राजीव शुक्ला को संसदीय मामलों का नया राज्य मंत्री बनाया गया है.

इसके अलावा कुछ मंत्रियों के विभागों में भी फेरबदल किए गए हैं.

विलासराव देशमुख को ग्रामीण विकास मंत्रालय से हटाकर कम महत्वपूर्ण विज्ञान और तकनीक विभाग में भेजा गया है वहीं वीरप्पा मोएली को भी कानून मंत्रालय से हटाकर कॉरपोरेट मामलों की ज़िम्मेदारी दी गई है.

वाणिज्य और उद्योग मंत्री आनंद शर्मा को कपड़ा मंत्रालय की अतिरिक्त ज़िम्मेदारी दी गई है. रेल विभाग में विवादो में आए मुकुल राय का तबादला कर उसी पद पर जहाज़रानी मंत्रालय में भेज दिया गया है.

इसके अलावा जिन सात मंत्रियों के इस्तीफ़े स्वीकार किए गए हैं वो हैं दयानिधि मारन, मुरली देवड़ा, बी के हांडीक, मनोहर सिंह गिल, काँति लाल भूरिया, ए साई प्रताप और अरुण यादव.

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