मुंबई हमलों की चौतरफ़ा निंदा

  • 13 जुलाई 2011
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Image caption भारत के नेताओं ने मुंबई हमलों की कड़ी निंदा की है.

भारत और दुनिया भर में मुंबई हमलों की कड़ी निंदा हो रही है. राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति, लोकसभा अध्यक्ष, प्रधानमंत्री और यूपीए अध्यक्षा ने मुंबई हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है.

प्रधानमंत्री मनमोहन ने हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए मुंबई के लोगों से शांति से एकजुटता बनाए रखने की अपील की है.

मनमोहन सिंह ने कहा, "मैं मुंबई हमलों की कड़ी निंदा करता हूं. मैं लोगों से एकता बनाए रखने और शांति क़ायम रखने की अपील करता हूं. मैंने गृहमंत्री पी चिदंबरम से कहा है कि वे राज्य सरकार को हर संभव सहायता प्रदान करें."

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने लोगों से भीड़भाड़ वाले इलाक़े से दूर रहने को कहा है.

उन्होंने कहा, "ये आतंकी हमले हैं.ये शांति में बाधा डालने की कोशिश हैं.लोग बेवजह अपने घरों से बाहर ना निकले और भीड़ ना लगाएं. लोग अफ़वाहों की ओर ध्यान ना दें.प्रशासन को अपना काम करने दें."

लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट ट्विटर पर लिखा," इसे एक 'कायरता का कार्य' बताते हुए बयान देना काफ़ी नहीं होगा. एक राष्ट्र के रूप में आत्‍मनिरीक्षण करना चाहिए कि कहां क्या ग़लत हुआ है. इसके हमें कुछ दृढ़ क़दम उठाने होंगे. हमें ये रोकना होगा. अभी 26/11 के ज़ख़्म भरे भी नहीं हैं और मुंबई में एक बार सिलसिलेवार धमाके हुए हैं."

लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार मारे गए लोगों के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते कहा है कि वो घायलों के तुरंत स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करती हैं.

राष्ट्रपति ने शोक व्यक्त किया

दिल्ली में राष्ट्रपति भवन की ओर जारी एक बयान में राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल मारे गए लोगों के प्रति शोक व्यक्त किया है.

बयान में कहा गया है," राष्ट्रपति मुबंई में हुए घायलों की तुरंत तंदरुस्त होने की उम्मीद करती हैं."

उप-राष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी ने हमलों पर गहरा शोक व्यक्त किया है.

उप-राष्ट्रपति सचिवालय की ओर जारी बयान में अंसारी ने कहा कि ये हमले देश को अस्थिर करने की मक़सद से किए गए हैं. उन्होंने सभी लोगों से एकजुट रहने की गुजारिश की.

उप-राष्ट्रपति ने मरने वालों और घालयों के प्रति गहरा शोक व्यक्त किया.

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