कौन हैं प्रदीप कुमार?

प्रदीप कुमार
Image caption नए सीवीसी बन जाने के बाद प्रदीप कुमार इस पद पर तीन साल की अवधि के लिए बने रहेंगें.

हाल ही में मुख्य सतर्कता आयुक्त के पद पर नियुक्त किए गए भारत के मौजूदा रक्षा सचिव प्रदीप कुमार दिल्ली के आईआईटी में छात्र रह चुके हैं.

1972 के बैच में हरियाणा कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी प्रदीप कुमार इससे पहले विनिवेश सचिव और सचिव, रक्षा संपदा विभाग रह चुके हैं.

सीवीसी के पद पर उन्हें ऐसे समय में चुना गया है, जब वे रक्षा सचिव के पद से सेवानिवृत्त होने वाले हैं.

61 वर्षीय कुमार ने दिल्ली के आईआईटी से इलैक्ट्रकल इंजीनियरिंग पढ़ी, जिसके बाद 1972 में वे आईएएस अधिकारी बने.

वर्ष 1986 में पढ़ाई के लिए छुट्टी ले कर वे ब्रिटेन की वेल्स यूनिवर्सिटी गए, जहां उन्होंने अर्थशास्त्र और सामाजिक विज्ञान पढ़ा.

भूमिका

प्रदीप कुमार दिल्ली के प्रशासनिक गलियारों में बहुत चर्चित हैं. 1997 में उद्योग मंत्रालय में ये संयुक्त सचिव रह चुके हैं.

साथ ही वे राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण में वे अतिरिक्त सचिव की भूमिका भी निभा चुके हैं.

नए सीवीसी बन जाने के बाद प्रदीप कुमार इस पद पर तीन साल की अवधि के लिए बने रहेंगें.

इस साल मार्च में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय सतर्कता आयुक्त पीजे थॉमस की नियुक्ति को अवैध ठहराया था, जिसके बाद जुलाई में प्रदीप कुमार को इस पद के लिए सर्वसम्मति से चुन लिया गया.

सीवीसी के रूप में प्रदीप कुमार के समक्ष बहुत सी चुनौतियां होंगी क्योंकि यूपीए गठबंधन सरकार के कई मंत्रियों के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार के मामले चल रहे हैं.

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