'आत्मघाती हमले की संभावना से इनकार नहीं'

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केंद्र सरकार ने बुधवार को मुंबई में हुए धमाकों में आत्मघाती हमले की संभावना से इनकार नहीं किया है. गृह सचिव आरके सिंह ने पत्रकारों को बताया कि धमाकों की जाँच हर पहलुओं से की जा रही है.

उन्होंने कहा, "एनएसजी के महानिदेशक ने यह सूचना दी है कि धमाके की एक जगह से एक शव बरामद हुआ है, जिस पर सर्किट था. ये शव धमाके की जगह से बरामद हुआ है. हम किसी चीज़ से इनकार नहीं कर रहे हैं."

उन्होंने बताया कि जाँच जारी है. इससे पहले केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम ने कहा था कि मुंबई में बुधवार को हुए धमाकों के लिए फ़िलहाल किसी एक गुट को ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता.

मुंबई में घटनास्थल का दौरान करने के बाद मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चौहान के साथ संयुक्त पत्रवार्ता में उन्होंने कहा कि उन सभी गुटों की जाँच की जा रही है जिसके निशाने पर भारत हो सकता है.

गृहमंत्री ने कहा है कि इसके बारे में राज्य सरकार और केंद्र सरकार के पास कोई ख़ुफ़िया सूचना नहीं थी. लेकिन उन्होंने इसे ख़ुफ़िया तंत्र की विफलता मानने से इनकार किया है.

विस्फोट की तस्वीरें

मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चौहान ने सभी मृतकों के परिजनों को पाँच-पाँच लाख मुआवज़ा देने की घोषणा की है और कहा है कि हर घायल को 50 हज़ार का मुआवज़ा दिया जाएगा.

घायलों में कई गंभीर

मुंबई के दादर कबूतरख़ाना, झावेरी बाज़ार और ओपेरा हाउस इलाक़ों में बुधवार की शाम एक के बाद तीन हमले हुए थे.

केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा है कि विस्फोट में मरने वालों की संख्या अब तक 17 है. उनका कहना है कि घटनास्थल से एक कटा हुआ सर मिला है और हो सकता है कि मरने वालों की संख्या 18 हो जाए.

उन्होंने कहा कि विस्फोटों में कुल 131 घायल हुए हैं जिनमें से 26 को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है.

घायलों का अस्पताल में इलाज: तस्वीरों में

उनके अनुसार घायलों में 82 की हालत स्थिर है और 23 लोग गंभीर रुप से घायल हैं जिनमें से कुछ की हालत गंभीर है.

घायलों को मुंबई के 13 विभिन्न अस्पतालों में भर्ती करवाया गया है.

राज्य के मुख्यमंत्री चौहान ने कहा है कि हर घायल के इलाज की व्यवस्था सरकार की ओर से की जाएगी.

जाँच

Image caption चिदंबरम ने विश्वास जताया है कि जिस भी गुट का हाथ है उसका पता लगा लिया जाएगा

बुधवार की रात ही दिल्ली से मुंबई पहुँचकर तीनों घटनास्थलों का दौरा कर चुके केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि दिल्ली और पुणे के फ़ोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने घटनास्थल से आवश्यक जाँच पूरी कर ली है.

उन्होंने बताया कि फ़ोरेंसिक जाँच के आधार पर ये पता लगाया जा सकता है कि किस विस्फोटक का प्रयोग किया गया, विस्फोट किस तरह से किया गया और उसका असर कितना था.

उन्होंने पत्रकारों को बताया कि आरंभिक जाँच के आधार पर कहा जा सकता है कि ये समन्वय के आधार पर किया गया चरमपंथी हमला है जिसमें अमोनियम नाइट्रेट का प्रयोग किया गया.

उनका कहना है कि तीन में से एक कम तीव्रता का विस्फोट था जबकि दो मध्यम से बड़ी तीव्रता के विस्फोट थे.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी निंदा

विस्फोट करने के तरीक़े के बारे में उन्होंने कहा कि ये विस्फोट रिमोट कंट्रोल से नहीं किए गए.

उन्होंने बताया कि नेशनल इंवेस्टीगेटिंग एजेंसी (एनआईए) और नेशनल सेक्युरिटी गार्ड (एनएसजी) की टीमें भी बुधवार की रात से मुंबई पहुँच चुकी हैं. वे महाराष्ट्र पुलिस के आतंकनिरोधी दस्ते (एटीएस) और मुंबई पुलिस के क्राइम ब्रांच के साथ मिलकर जाँच करेंगे.

इस समय तक हुई जाँच से वे संतुष्ट नज़र आए.

'एक गुट पर संदेह नहीं'

विस्फोट के पीछे किसी गुट का हाथ होने के बारे में केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा, "महाराष्ट्र पुलिस सहित सभी जाँच एजेंसियों के अधिकारियों से मैंने कहा है कि वे किसी तरह की धारणा न बनाएँ क्योंकि इस तरह का हमला करने की क्षमता सभी गुटों के पास है."

उनका कहना था कि अब तक की जाँच के आधार पर वे किसी एक गुट पर संदेह व्यक्त नहीं कर सकते और इसलिए हर उस गुट का हाथ होने की जाँच की जा रही है जिनका रवैया भारत विरोधी है.

उनका कहना था, "ये हमला भारत की एकता, अखंडता और समृद्धि पर किया गया हमला है."

चिदंबरम ने कहा कि मुंबई में 26/11 को हुए चरमपंथी हमलों के बाद से पिछले 31 महीनों में महाराष्ट्र पुलिस ने कई चरमपंथी गुटों को पकड़ने में सफलता पाई है जिसमें मुंबई और पुणे में माओवादी विद्रोहियों के दो दलों की गिरफ़्तारी शामिल है.

उनका कहना था, "हो सकता है कि ये इन्हीं गुटों में से किसी की विरोध स्वरुप की गई कार्रवाई हो."

ये पूछे जाने पर कि क्या इस विस्फोट का निशाना भारत-पाक वार्ता भी हो सकता है, उन्होंने कहा वे इससे इनकार नहीं कर रहे हैं.

मुंबई ख़ून से लथपथ क्यों?

गृहमंत्री ने मीडिया से भी अनुरोध किया कि वे किसी तरह की अटकलबाज़ी से बचें.

इस सवाल पर कि क्या 31 महीनों में सिर्फ़ दो चरमपंथी हमलों को वे एक उपलब्धि की तरह देखते हैं, उन्होंने इससे इनकार करते हुए कहा, " मैं हर दिन को एक नए दिन की तरह देखता हूँ और जब कोई दिन बिना किसी घटना के बीत जाता है तो मेरे मन में संतुष्टि का भाव होता है."

उन्होंने कहा कि मुंबई पर पिछली बार हुए हमलों के बाद से महाराष्ट्र पुलिस की क्षमताओं में बढ़ोत्तरी हुई है.

लेकिन उनका कहना था कि चरमपंथी तेज़ी से एक जगह से दूसरी जगह जाते हैं और उनकी क्षमता में लगातार बढ़ोत्तरी होती है इसलिए हर राज्य की पुलिस को तेज़ी से अपनी क्षमताओं में बढ़ोत्तरी करनी होगी.

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ये समय राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का नहीं है.

कहां-कहां हुए धमाके

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