हमलों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा

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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अमरीका ने मुंबई में हुए तीन बम हमलों की कड़ी निंदा की है.

इसके अलावा पड़ोसी देश पाकिस्तान ने भी इन हमलों की कड़ी निंदा की है.

बुधवार, 13 जुलाई, 2011 की शाम हुए इन हमलों में अब तक कम से कम 17 लोगों के मारे जाने और 131 के घायल होने की ख़बरें हैं.

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद जघन्य हमला क़रार देते हुए अपने व्यक्तव्य में कहा है कि 'आतंकवाद अपने सभी रुपों में अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए ख़तरा है.'

उधर अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने इस हमले को 'घृणित' हमला क़रार दिया है और कहा है कि वे योजना के अनुसार अगले हफ़्ते भारत के दौरे पर ज़रुर जाएँगीं.

उन्होंने कहा, "इन विस्फोटों का उद्देश्य डर और अलगाव पैदा करना है लेकिन जिन लोगों ने भी ये किया उन्हें समझ लेना चाहिए कि वे अपने इरादों में क़ामयाब नहीं होंगे."

पाकिस्तान ने जताई सहानुभूति

इससे पहले अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की ओर से व्हाइ़ट हाउस प्रवक्ता जे कार्नी ने कहा कि अमरीकी राष्ट्रपति ने बुधवार को हुए धमाकों की निंदी की है और ऐसे कारनामों का अंजाम देने वालों को सज़ा दिलाने के लिए मदद की पेशकश की है.

प्रवक्ता के अनुसार ओबामा ने कहा - "ये निंदनीय आतंकवादी कार्रवाई है. मैं उन लोगों के लिए प्रार्थना कर रहा हूँ जो घायल हुए हैं और जिन्होंने अपने रिश्तेदारों को खो दिया है. अमरीकी प्रशासन की स्थिति पर नज़र है. अमरीकी नागरिकों की सुरक्षा पर भी नज़र है. हम दोषियों को सज़ा दिलाने में भारत के सभी प्रयासों का समर्थन करेंगे. मैं भारत के लोगों की शक्ति और परिस्थितयों से उबरने की क्षमता देख चुका हूँ और वे इससे भी उबरेंगे."

अमरीकी राष्ट्रपति का कहना था कि भारत अमरीका का क़रीबी मित्र और सहयोगी है और अमरीकी लोग इस कठिन समय में भारतीय लोगों के साथ खड़े नज़र आएँगे.

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी और प्रधानमंत्री सईद यूसुफ़ रज़ा गिलानी की और से जारी बयान में कहा गया है कि 'पाकिस्तान की सरकार और उसके लोग मुंबई में हुए धमाकों की कड़ी निंदा करते हैं.'

बयान में मुंबई में हुए जान-माल के नुक़सान पर गहरा अफ़सोस व्यक्त किया गया है.

पाकिस्तान के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने भारतीय राजनीतिक नेतृत्व से सहानुभूति भी व्यक्त की है.

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