कश्मीर में बंद, कई जगह विरोध प्रदर्शन

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भारत प्रशासित कश्मीर में एक महिला के साथ हुए कथित बलात्कार के विरोध में अलगाववादियों के आह्वान पर हो रहे हड़ताल की वजह से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है.

स्कूल-कॉलेज बंद हैं, सरकारी बसें नहीं चल रही हैं, दुकानें और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद हैं और ज़्यादातर सरकारी कर्मचारी काम पर नहीं पहुँचे.

इस बीच मझगाँव के इलाक़े में प्रदर्शनकारियों ने पथराव भी किया है जिसकी वजह से एक पुलिस जवान सहित कई अन्य लोग घायल हुए हैं.

इस बीच पुलिस ने कहा है कि जिस महिला के साथ बलात्कार के आरोप लगाए गए हैं उनकी चिकित्सा जाँच में उनके शरीर पर ज़्यादती के कोई निशान नहीं पाए गए हैं.

हालांकि अलगाववादियों ने पुलिस के इस दावे को ख़ारिज कर दिया है. सरकार ने उस महिला की और जाँच के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की मदद लेने की बात कही है.

पथराव और विरोध प्रदर्शन

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Image caption कई शहरों में प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों पर पथराव किए हैं

अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने इस कथित बलात्कार के विरोध में बंद और हड़ताल का आह्वान किया है.

शुक्रवार को भी कश्मीर के कई इलाक़ों में प्रदर्शन और पथराव की घटनाएँ हुई थीं और प्रदर्शनकारियों ने एक सरकारी वाहन में आग लगा दी थी.

बीबीसी संवाददाता के अनुसार शनिवार को भी मझगाँव और कोलगाम इलाक़े में प्रदर्शनकारियों ने पथराव किए हैं.

बंद की वजह से राजधानी श्रीनगर सहित कई अन्य शहरों में जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है.

स्थानीय लोगों के अनुसार कई इलाक़ों में प्रशासन ने अघोषित कर्फ़्यू लागू कर रखा है.

सरकार ने सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए हैं और प्रयास किया जा रहा है कि प्रदर्शन कुलगाम के अलावा अन्य इलाक़ों में न फैले.

अलगाववादियों की मांग है कि बलात्कार के आरोप की स्वतंत्र मानवाधिकार संगठनों या संयुक्त राष्ट्र से जाँच करवाई जाए.

जाँच रिपोर्ट

इस बीच पुलिस ने कहा है कि जिस महिला ने बलात्कार के आरोप लगाए हैं उनकी मेडिकल जाँच में उनके शरीर के किसी भी हिस्से में चोट आदि के निशान नहीं मिले हैं.

विशेष जाँच अधिकारी मोहम्मद शफ़ी मीर ने समाचार एजेंसी एपी को बताया, "हमने महिला के कपड़ों को फ़ोरेंसिक जाँच के लिए भेज दिया है और हमने कथित घटनास्थल की वीडियो शूटिंग भी करवा ली है."

उनका कहना है कि जाँच जारी है और जल्दी ही पूरी कर ली जाएगी.

उल्लेखनीय है कि गुरुवार को घाटी के दक्षिणी इलाक़े कुलगाम में एक महिला ने आरोप लगाया था कि सेना के दो जवानों ने उन्हें अग़वा कर दो दिन तक उनके साथ बलात्कार किया.

महिला का कहना है कि सेना के जवानों के पास वायरलेस सेट थे और उनकी बोली स्थानीय नहीं थी.

पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है.

इस बीच सेना ने कहा है कि उसने इन आरोपों को गंभीरता से लिया है.

कश्मीर घाटी में सेना के प्रमुख लेफ़्टिनेंट जनरल अता हसनैन ने कहा है, "यदि आरोपों में सच्चाई है तो ये एक आपराधिक मामला है और इस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी."

लेकिन साथ ही उन्होंने कहा है कि घाटी में चरमपंथी भी सैनिकों की वर्दी पहनकर घूमते हैं और हो सकता है कि सेना के ख़िलाफ़ लोगों को भड़काने के लिए चरमपंथियों ने इस कारनामे को अंज़ाम दिया हो.

इस बीच समाचार एजेंसी पीटीआई ने ख़बर दी है कि बलात्कार का आरोप लगाने वाली महिला के पति और उनकी सास ने पुलिस से कहा है कि महिला मानसिक रुप से अस्वस्थ है और जिस दिन वह बलात्कार होने की बात कह रही हैं उस दिन वे घर पर ही थीं.

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