मुलायम ने किया अमर का समर्थन

मुलायम सिंह
Image caption मुलायम सिंह की पार्टी के एक सांसद से भी पूछताछ होने वाली है

नोट के बदले वोट मामले में सांसद अमर सिंह से दिल्ली पुलिस की पूछताछ को समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह ने अन्यायपूर्ण बताया है.

इस शुक्रवार को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्यूरो ने अमर सिंह को नोट के बदले वोट मामले में पूछताछ की थी.

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के अधिकारियों ने अमर सिंह से वर्ष 2008 के विश्वास मत प्रस्ताव के दौरान तीन सांसदों को कथित तौर पर रिश्वत देने के संबंध में पूछताछ की थी.

सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह का कहना था,"दिल्ली पूलिस की पूछताछ अन्यायपूर्ण थी और वह राज्यसभा सांसद को इस सकंट से निकालने के लिए मदद करेंगे."

लेकिन मुलायम सिंह ने उनकी पार्टी में वापसी की बात से साफ़ इनकार कर दिया.

पिछले वर्ष कई दिनों तक चले आरोप-प्रत्यारोप के बाद अमर सिंह को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था.

सवाल

एक संवाददाता सम्मेलन में अमर सिंह का समर्थन करते हुए मुलायम सिंह ने कहा, "अमर सिंह के साथ अन्याय किया जा रहा है. ये सपा के लोकसभा सदस्य रेवती रमण सिंह और अमर सिंह के खिलाफ़ षड़यंत्र है. अमर सिंह ने वर्ष 2008 में हुए विश्वास मत के दौरान कांग्रेस की मदद की थी. समाजवादी पार्टी ने उस दौरान सरकार के पक्ष में मतदान किया था और अब उनसे ही सवाल पूछे जा रहे है."

मुलायम ने ज़ोर देकर कहा कि अमर सिंह भाजपा सांसदों को रिश्वत देने के मामले में शामिल नहीं थे.

लोकसभा में 22 जुलाई 2008 को विश्वास मत प्रस्ताव से ठीक पहले तीन सांसदों ने सदन में नोटों की गड्डियां लहराई थीं और कहा था कि उन्हें अपना वोट सरकार के पक्ष में देने के लिए रिश्वत देने का प्रयास किया गया था

Image caption अमर सिंह अपनी भूमिका से इनकार करते रहे हैं

मुलायम का कहना था, "हमने कांग्रेस के पक्ष में वोट देकर केवल उनकी मदद की थी. क्या हम सरकार में शामिल हुए? क्या रेवती या अमर मंत्री बने? अगर पैसों का लेन-देन हुआ होता तो मुझे इस बात का पता होता."

लेकिन जब उनसे पूछा गया कि क्या इस मामले में कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल से भी पूछताछ की जानी चाहिए तो उनका कहना था, 'मुझे नहीं मालूम.'

ये समझा जा रहा है कि 'नोट के बदले वोट' मामले में दिल्ली पुलिस रेवती रमण सिंह से सोमवार को पूछताछ कर सकती है.

इस मामले में दिल्ली पुलिस सुहैल हिंदुस्तानी और संजीव सक्सेना को गिरफ़्तार कर चुकी है.

सुहेल हिदुस्तानी ने कथित तौर पर अमर सिंह और बीजेपी सांसदों के बीच संपर्क सूत्र की भूमिका निभाई थी तो संजीव सक्सेना पर आरोप था कि उन्होंने वोट के एवज में पैसा भाजपा सांसदों तक पहुंचाया था.

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