बग़ावत के मूड में भाजपा विधायक

  • 29 जुलाई 2011
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Image caption येदियुरप्पा ने 31 जुलाई को पद छोड़ने की घोषणा की है

कर्नाटक में मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को हटाने के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मुश्किल में नज़र आ रही है. कर्नाटक में पार्टी विधायकों का एक बड़ा तबका येदियुरप्पा के समर्थन में खड़ा हो गया है.

नई दिल्ली से बंगलौर पहुँचे पार्टी पर्यवेक्षक अरुण जेटली और राजनाथ सिंह से क़रीब 73 विधायकों और 14 सांसदों और कुछ विधान पार्षदों ने मुलाक़ात की और अपनी बात रखी.

बंगलौर में स्थानीय पत्रकार ख़ालिद कर्नाटकी ने अपने सूत्रों के हवाले से बताया है कि इन विधायकों ने पार्टी छोड़ने तक की धमकी दी है. दूसरी ओर सूत्रों की मानें तो येदियुरप्पा ने पार्टी पर्यवेक्षकों को स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में अनंत कुमार मंज़ूर नहीं हैं.

माना जा रहा है कि पार्टी हाईकमान अनंत कुमार को नया मुख्यमंत्री बनाना चाह रहा है. ख़ालिद कर्नाटकी ने अपने सूत्रों के हवाले से यह भी बताया है कि येदियुरप्पा ने अपने पसंद का मुख्यमंत्री बनाने की मांग की है और ये भी कहा है कि उन्हें पार्टी की राज्य इकाई में बड़ा पद मिलना चाहिए. साथ ही नए मंत्रिमंडल में भी पसंदीदा लोग चाहिए.

समर्थन

राज्य में भाजपा के 17 सांसद हैं उनमें से 14 सांसद चंद्रेगौड़ा के नेतृत्व में सामने आ गए हैं जबकि 117 विधायकों में से क़रीब 73 येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री बनाए रखने के पक्ष में हैं.

उल्लेखनीय है कि बुधवार को कर्नाटक के लोकायुक्त ने अवैध खनन पर पेश की गई अपनी रिपोर्ट में मुख्यमंत्री येदियुरप्पा और उनके परिजनों पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने के आरोप लगाए थे और कहा था कि उन्होंने अपनी रिपोर्ट में इसके पर्याप्त सबूत दिए हैं.

इसके बाद भाजपा संसदीय दल ने येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री पद से हटाने का फ़ैसला किया था.

हालांकि येदियुरप्पा ने कहा है कि वे 31 जुलाई को पद छोड़ेंगे लेकिन कहा जा रहा है कि वे विधायकों और सांसदों की समर्थन के आधार पर पार्टी पर ये दवाब बनाना चाहते हैं कि अगर वे पद पर न बने रह सकें तो भी अगला मुख्यमंत्री उनकी पसंद का हो.

भाजपा के कर्नाटक के मामलों के प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान पहले से ही बंगलौर में हैं जबकि पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व अध्यक्ष वैंकैया नायडू भी वहाँ पहुँच चुके हैं.

इस बीच विधायक दल के नए नेता के चयन के लिए भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली और राजनाथ सिंह भी वहाँ पहुँचे हुए हैं.

वैंकैया नायडू ने पत्रकारों से कहा है कि नया नेता चुनने के लिए सभी विधायकों की राय ली जाएगी.

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