रविवार को इस्तीफ़ा दे दूँगा: येदियुरप्पा

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Image caption वरिष्ठ नेताओं की येदियुरप्पा से लगातार चर्चा हो रही है

कर्नाटक में भाजपा सरकार के भविष्य को लेकर चल रही अटकलों को विराम देते हुए मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने एक बयान जारी करके साफ़ किया है कि वे रविवार को दोपहर तक इस्तीफ़ा दे देंगे.

हालांकि वे पहले भी कह चुके थे कि वे 31 जुलाई को पद छोड़ देंगे लेकिन बंगलौर में चल रही गतिविधियों की वजह से ये चर्चा चलने लगी थी वे शायद पद न छोड़ें.

दरअसल कहा जा रहा था कि येदियुरप्पा के समर्थक विधायक और सांसद बग़ावत पर उतर आए हैं और वे मांग कर रहे हैं कि उन्हें पद से न हटाया जाए.

ये भी कहा जा रहा था कि पद छोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ने कुछ शर्तें रखी हैं और उनके पूरा होने के बाद ही वे पद छोड़ेंगे.

इस बीच केंद्रीय नेतृत्व की ओर से नया नेता चुनने के लिए भेजे गए नेता विधायकों से चर्चा कर रहे हैं .

उल्लेखनीय है कि बुधवार को कर्नाटक के लोकायुक्त ने अवैध खनन पर पेश की गई अपनी रिपोर्ट में मुख्यमंत्री येदियुरप्पा और उनके परिजनों पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने के आरोप लगाए थे और कहा था कि उन्होंने अपनी रिपोर्ट में इसके पर्याप्त सबूत दिए हैं.

इसके बाद भाजपा संसदीय दल ने येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री पद से हटाने का फ़ैसला किया था.

बयान

अटलकों का अंत करने की कोशिश में मुख्यमंत्री की ओर से लिखित बयान शनिवार की दोपहर को उनके सहयोगी बसवराज बोम्मई और मुरुगेश निरानी ने जारी किया है.

इस बयान में कहा गया है, "संसदीय बोर्ड में वरिष्ठ नेताओं की ओर से लिए गए निर्णय के मुताबिक़, मैं 31 जुलाई को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे रहा हूँ."

बयान में कहा गया है कि उन्होंने पहले भी ऐसा ही बयान दिया था लेकिन वे फिर से 'स्पष्ट' कर हैं क्योंकि मीडिया का एक वर्ग लोगों को 'भ्रमित' कर रहा है.

मुख्यमंत्री येदियुरप्पा और उनके समर्थकों की ओर से केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष रखी गई शर्तों के बारे में पूछे जाने पर बसवराज बोम्मई ने कहा, "वार्ता सफलता पूर्वक चल रही है और सत्ता परिवर्तन सहजता से हो जाएगा."

विधायकों से मुलाक़ात

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Image caption कहा जा रहा है कि येदियुरप्पा पार्टी सांसद और वोकलिंगा नेता सदानंद गौड़ा को मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं

वरिष्ठ नेता अरुण जेटली,राजनाथ सिंह और वेंकैया नायडू होटल अशोक में ठहरे हुए हैं. राज्य के प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान भी वहीं हैं.

शनिवार की सुबह से ये नेता उन विधायकों से एक-एक करके चर्चा कर रहे थे जो येदियुरप्पा के समर्थक नहीं हैं.

लेकिन रविवार को इस्तीफ़ा देने वाले बयान के बाद येदियुरप्पा के समर्थक विधायकों से भरी एक बस उनके निवास से निकलकर होटल अशोक के लिए रवाना हुई.

ख़बरों के मुताबिक़ येदियुरप्पा पार्टी सांसद और वोकलिंगा नेता सदानंद गौड़ा को मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं.

वैसे येदियुरप्पा ने शनिवार की सुबह केंद्रीय नेताओं से मुलाक़ात की थी.

मीडिया में इस तरह की ख़बरें आ रहीं हैं कि पार्टी आलाकमान ने येदियुरप्पा की ज़्यादातर शर्तें मान ली हैं लेकिन बैंगलोर स्थित वरिष्ठ पत्रकार भास्कर हेगड़े का कहना है कि इस बात की पुष्टि करना मुश्किल है.

'येदियुरप्पा की शर्ते'

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Image caption येदियुरप्पा लोकायुक्त की ओर से लगाए गए आरोपों का खंडन करते हैं

मीडिया में आ रही ख़बरों के अनुसार येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा देने से पहले पार्टी नेतृत्व के सामने कुछ शर्तें रखी हैं.

वरिष्ठ पत्रकार भास्कर हेगड़े के अनुसार भाजपा के विश्वसनीय सूत्र कह रहें हैं कि येदियुरप्पा की चार मुख्य मांगे हैं.

येदियुरप्पा चाहते हैं कि पद छोड़ने के बाद उन्हें राज्य का भाजपा अध्यक्ष बनाया जाए.

उनकी दूसरी शर्त है कि अगला मुख्यमंत्री उनकी ही पसंद का हो. येदियुरप्पा ने तीसरी शर्त रखी है कि अनंत कुमार और जगदीश शेट्टर को मुख्यमंत्री की रेस में शामिल नहीं किया जाए.

इसके अलावा येदियुरप्पा ने कैबिनेट में अपने समर्थकों के लिए जगह मांगी है. उनकी आख़िरी शर्त है कि पार्टी और सरकार के बीच तालमेल के लिए बनाई गई समन्वय समिति का अध्यक्ष उन्हें ही बनाया जाए.

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