नोएडा में किसान-अथॉरिटी समझौता

नोएडा एक्सप्रेस वे और नोएडा में मौजूद रिहाइशी परियोजनाओं के रूकने का टेंशन फिलहाल ख़त्म हो गया है.

नोएडा में किसानों और नोएडा अथॉरिटी के बीच समझौता हो गया है. नोएडा अथॉरिटी ने किसानों का मुआवज़ा बढ़ाने की मांग को छोड़ कर लगभग सभी माँगे मान ली हैं.

अथॉरिटी के अध्यक्ष और सीईओ बलविंदर कुमार ने किसानों के प्रतिनिधियों के साथ शनिवार को हुई बातचीत में किसानों से जुड़ी समस्याओं का समाधान तीन महीने में करने का आश्वासन दिया है. तब तक किसान बिल्डरों के काम को नहीं रोकेंगे.

समझौता

समझौते के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए मुख्य कार्यकारी अधिकारी बलविंदर कुमार ने बताया कि तीन महीने के भीतर सभी 54 गांवों की आबादी संबंधी समस्याओं के समाधान की योजना बनाई गई है.

इस मुद्दे पर ग्राम प्रधान के नेतृत्व में 5 सदस्यीय समिति अथॉरिटी और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ किसानों की समस्याओं का समाधान करेगी.

समझौते के मुताबिक 1976 से 97 के दौरान अधिग्रहण से प्रभावित जिन किसानों को प्लॉट नहीं मिले थे, उन किसानों के लिए जल्द ही एक आवासीय योजना लाई जाएगी.

साथ ही 1997 के बाद से अधिग्रहीत 34 गांवों के किसानों को विकसित भूमि से 5 प्रतिशत भूखंड तीन महीने के भीतर दे दिए जाएंगे.

धमकी

हांलाकि किसानों का कहना है कि उन्होंने आंदोलन स्थगित किया है और अगर 90 दिनों के भीतर अथॉरिटी ने समझौते पर अमल नही किया तो फिर से आंदोलन होगा.

नोएडा के इस किसान समझौते के बाद नोएडा एक्सटेंशन में भी किसानों और अथॉरिटी के बीच बात बन जाने की आस जगी है.

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