संसद का मानसून सत्र होगा हंगामेदार

  • 31 जुलाई 2011
Image caption प्रधानमंत्री का कहना है कि भ्रष्टाचार के आरोपों से विपक्ष भी घिरी हुई है.

संसद के मानसून सत्र से पहले प्रधानमंत्री ने कहा है कि 2जी मामला अदालत में है और इस पर संसद को पहले से कोई राय नहीं बनानी चाहिए.

हालांकि बीजेपी ने साफ कर दिया है कि वो मानसून सत्र में सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी.

सत्ता और विपक्ष के इन बयानों के बाद माना जा रहा है कि मानसून सत्र हंगामेदार होगा.

लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार ने सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाई थी.

बैठक के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने संवाददाताओं के सवालों के जवाब में कहा, ‘‘ हम चाहते हैं कि मानसून का सत्र रचनात्मक रहे. हम किसी भी मुद्दे पर बहस से पीछे नहीं हटेंगे लेकिन 2जी का मामला कोर्ट में है. संसद को पहले ही इस पर राय नहीं बनानी चाहिए.’’

यह पूछे जाने पर कि विपक्ष भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है तो प्रधानमंत्री का कहना था, ‘‘ हम हर बहस के लिए तैयार हैं लेकिन ये भी देखना होगा कि आरोप लगाने वालों पर भी भ्रष्टाचार के मामले आ चुके हैं.’’

संभवत प्रधानमंत्री का इशारा कर्नाटक के इस्तीफ़ा दे चुके मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा की तरफ था जिन पर लोकायुक्त की रिपोर्ट में भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं.

उधर लोकसभा में बीजेपी की नेता सुषमा स्वराज ने कहा कि देश के समक्ष कई ऐसे मुद्दे हैं जिन पर सरकार को जवाब देना होगा.

उनका कहना था, ‘‘ हम चाहते हैं कि संसद चले लेकिन चर्चा भी हो बहस भी हो. आम आदमी महंगाई से जूझ रहा है. भ्रष्टाचार से परेशान है. इन पर चर्चा होनी चाहिए.’’

सुषमा स्वराज ने मुंबई हमले, तेलंगाना और नक्सली समस्याओं का हवाला देते हुए कहा कि संसद में बहस के लिए विषयों की कमी नहीं है.

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