हंगामेदार सत्र के लिए सरकार और विपक्ष तैयार

  • 1 अगस्त 2011

संसद का मॉनसून सत्र सोमवार से शुरु हो रहा है. भ्रष्टाचार, महंगाई और तेलंगाना जैसे मुद्दों को देखते हुए माना जा रहा है कि ये सत्र हंगामेदार रहेगा.

2जी स्पेक्ट्रम मामले को लेकर माहौल पहले से ही गर्म है. मॉनसून सत्र से पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि 2जी मामला अदालत में है और इस पर संसद को पहले से कोई राय नहीं बनानी चाहिए.

उनका कहना था, ‘‘ हम चाहते हैं कि मानसून का सत्र रचनात्मक रहे. हम हर बहस के लिए तैयार हैं लेकिन ये भी देखना होगा कि आरोप लगाने वालों पर भी भ्रष्टाचार के मामले आ चुके हैं.’’

वहीं भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार भी भारतीय जनता पार्टी को कटघरे में खड़ा कर सकती है हालांकि कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने इस्तीफ़ा दे दिया है.

इसके अलावा अलग तेलंगाना राज्य की माँग, माओवादी हमले, काला धन और ज़मीन अधिग्रहण को लेकर विवाद जैसे मुद्दों पर विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है.

विपक्ष की तैयारी

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जनलोकपाल विधेयक भी मॉनसत्र के दौरान पेश किया जाना है. मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि वो विधेयक पेश किए जाने का विरोध नहीं करेगी हालांकि वे सरकारी मसौदे से सहमत नहीं है.

ये मु्द्दा सरकार के लिए जटिल साबित हो सकता है क्योंकि सत्र के दौरान 16 अगस्त से अन्ना हज़ारे ने इसे लेकर आमरण अनशन का आह्वान किया हुआ है.

मॉनसून सत्र पाँच हफ़्तों तक चलेगा और ये आठ सितंबर को ख़त्म होगा. संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल ने कहा है कि सरकार हर मुद्दे पर बात करने के लिए तैयार है. उन्होंने विपक्ष से अपील की है कि वो संसद का काम सुचारू रूप से चलने दें.

उधर लोकसभा में भाजपा की नेता सुषमा स्वराज ने कहा है कि देश के समक्ष कई ऐसे मुद्दे हैं जिन पर सरकार को जवाब देना होगा.

उनका कहना था, ‘‘ हम चाहते हैं कि संसद चले लेकिन चर्चा भी हो बहस भी हो. आम आदमी महंगाई से जूझ रहा है. भ्रष्टाचार से परेशान है. इन पर चर्चा होनी चाहिए.’’

सुषमा स्वराज ने मुंबई हमले, तेलंगाना और नक्सली समस्याओं का हवाला देते हुए कहा कि संसद में बहस के लिए विषयों की कमी नहीं है.

पहले दिन लोकसभा में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भजन लाल को श्रद्वाजंलि दी जाएगी जिनका हाल ही में निधन हो गया है.

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