'प्रधानमंत्री का बयान अनावश्यक'

Image caption सुष्मा स्वराज ने प्रधानमंत्री को संसद का माहौल ख़राब करने के लिए ज़िम्मेदार बताया है.

लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कहा है कि मॉनसून सत्र शुरू होने से पहले विपक्ष पर की गई प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की टिप्पणी अनावश्यक थी.

दिल्ली में एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए स्वराज ने कहा, “इससे पहले संसद को सुचारु रूप से चलाए जाने पर सकारात्मक बातचीत चल रही थी, लेकिन प्रधानमंत्री के अनावश्यक बयान से संसद का माहौल ख़राब हुआ है”.

रविवार शाम को लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार के साथ हुई सर्वदलीय बैठक के बाद भोजन का कार्यक्रम था, जिसके बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पत्रकारों से बातचीत की थी.

प्रधानमंत्री ने कहा था, “हम संसद के मॉनसून सत्र के लिए तैयार हैं, विपक्ष भी भ्रष्टाचार के मुद्दे पर चारों ओर से घिरा हुआ है.”

महंगाई पर बहस

सुषमा स्वराज ने कहा कि महंगाई और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर उनकी पार्टी संसद में बहस चाहती है. महंगाई पर बहस के लिए उनकी पार्टी की ओर से यशवंत सिन्हा और एनडीए के संयोजक शरद यादव ने मंगलवार को नियम 184 के तहत चर्चा की दरख़्वास्त लोक सभा अध्यक्ष मीरा कुमार को दी है.

नियम 184 के तहत तय किए मुद्दे पर बहस के बाद वोटिंग होती है.

राज्यसभा में विपक्ष के नेता अध्यक्ष अरुण जेटली ने भी पत्रकारों को संबोधित किया और कहा कि टू-जी मामले में प्रधानमंत्री को पूरी जानकारी थी और वो लगातार अपना बयान बदल रहे हैं.

जेटली ने कहा कि भ्रष्टाचार पर यूपीए सरकार के फैसलों से जुड़े आरोपों का जवाब देने के बजाय प्रधानमंत्री विपक्ष पर ही सवाल उठा रहे हैं.

संबंधित समाचार