कुछ भी ग़लत नहीं किया: शीला दीक्षित

शीला दीक्षित
Image caption शीला दीक्षित के मुताबिक़ उनकी सरकार ने कोई ग़लत काम नहीं किया

राष्ट्रमंडल खेलों की परियोजना में अनियमितता के कथित आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया में दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा है कि उन्होंने या उनकी सरकार ने कोई ग़लत काम नहीं किया है.

दिल्ली में पत्रकारों के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि हर काम देशहित और देश की प्रतिष्ठा को ध्यान में रखते हुए किए गए हैं.

दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित उन मीडिया रिपोर्टों पर टिप्पणी कर रही थी, जिसमें कहा गया है कि नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट में उन पर राष्ट्रमंडल खेलों से जुड़ी कुछ परियोजनाओं के अनुबंध में अनियमितता के आरोप लगे हैं.

उन्होंने इससे इनकार किया कि इन आरोपों से वे विचलित हैं. शीला दीक्षित ने कहा कि जब उनकी सरकार से कहा जाएगा, वे अपना पक्ष रखेंगी.

पक्ष

उन्होंने कहा, "हर चीज़ की एक प्रकिया है. सीएजी की रिपोर्ट संसद में रखे जाने के बाद उसे लोक लेखा समिति के पास भेजा जाता है. जब हमसे कुछ पूछा जाएगा, हम उस समय अपना पक्ष रखेंगे."

दिल्ली के मुख्य सचिव पीके त्रिपाठी ने भी मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का बचाव किया और कहा कि स्ट्रीट लाइटिंग प्रोजेक्ट में एक ख़ास कंपनी को फ़ायदा पहुँचाने का आरोप बिल्कुल ग़लत है.

उन्होंने कहा, "अनुबंध देने में सभी प्रक्रियाओं का पालन किया गया. मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने किसी कंपनी को फ़ायदा नहीं पहुँचाया. पौधों के गमले ख़रीदने में भी कोई अनियमितता नहीं थी और न ही मुख्यमंत्री इन मामलों में शामिल थी."

हालाँकि उन्होंने इससे इनकार नहीं किया कि स्पेसएज कंपनी ने कोई ग़लत काम किया होगा. स्पेसएज को दिल्ली के कुछ हिस्सों में स्ट्रीट लाइटिंग का अनुबंध मिला था.

उन्होंने बताया कि दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश के बाद ही अनुबंध के लिए स्पेसएज कंपनी के नाम पर विचार किया जाएगा.

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