‘देश के भीतर पनप रहे हैं चरमपंथी गुट'

पी चिदंबरम
Image caption बहस के दौरान विपक्ष ने गृहमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में दो बड़े चरमपंथी हमले हो चुके हैं.

केंद्रिय गृहमंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि इस साल जुलाई में मुंबई में हुए धमाकों में किसी अंदरुनी गुट के शामिल होने के संकेत मिल रहे हैं.

आंतरिक सुरक्षा के मुद्दे पर संसद में सवाल-जवाब के दौरान चिदंबरम ने कहा, ''इस बारे में स्पष्ट रुप से फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता लेकिन जांच से मिल रहे संकेत किसी भारतीय गुट की ओर ही इशारा करते हैं.''

गुरुवार को संसद में बहस के दौरान भारतीय जनता पार्टी के नेता अरुण जेटली ने गृहमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में दो बड़े चरमपंथी हमले हो चुके हैं. साथ ही उन्होंने 26/11 हमलों में चल रही जांच की धीमी गति और जुलाई में हुए हमलों में सुरक्षा के मुद्दे पर भी चिदंबरम को आड़े हाथों लिया.

इसके जवाब में गृहमंत्री ने कहा कि भारत पूरी तरह उस चरमपंथ से लड़ने की तैयारी में जुटा जिसकी जड़ें उसके अपने पड़ोस में जमी है.

'राष्ट्रीय एकता के लिए खतरा'

साथ ही चिदंबरम ने आंतरिक स्तर पर पनप रहे चरंपंथ की ओर इशारा करते हुए कहा, ''हम इसे सिरे से खारिज नहीं कर सकते. हम तथ्यों से मुंह नहीं मोड़ सकते. इस तरह के कई गुट पैदा हो रहे हैं जो चरमपंथी गुटों की भारतीय इकाईयां है और ये गुट किसी एक धर्म के नहीं हैं.’’

चिदंबरम ने कहा कि घरेलू चरमपंथ भारत के लिए अब एक नई चुनौती बन गया है. उन्होंने कहा कि फासीवादी ताकतें भी इसका एक हिस्सा बनती जा रही हैं.

चिदंबरम ने कहा कि भारत जिस समय सीमा पार से हो रही चरमपंथी गतिविधियों से निपटने में जुटा था उस समय अंदरूनी स्तर पर चरमपंथ ने अपने पैर जमा लिए.

गृहमंत्री ने कहा कि सुरक्षाबल पिछले दो सालों में लगभग 51 ऐसी इकाईयों को खत्म कर चुके हैं. उन्होंने कहा कि हमने कई गुटों का सफलता पूर्वक सफाया किया है.

गृहमंत्री ने कहा कि चरमपंथ ने अब नया आयाम ले लिया है जहां यह राष्ट्रीय सुरक्षा के अलावा राष्ट्रीय एकता के लिए भी खतरा बनता जा रहा है.

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