चीन पर विश्वास है: प्रधानमंत्री

  • 4 अगस्त 2011
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Image caption मनमोहन सिंह का कहना था कि ये भारत के हित में है कि वह चीन से अच्छे संबंध रखे

भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि चीन ने ये आश्वासन दिया है कि वह ब्रह्मपुत्र नदी पर जो बांध बना रहा है, उससे भारत के हितों का नुक़सान नहीं होगा.

प्रधानमंत्री का कहना था कि वे चीन की तरफ़ से दिए गए इस वक्तव्य पर विश्वास करते हैं.

रा्ज्य सभा में प्रधानमंत्री का कहना था, "भारत और चीन पड़ोसी देश हैं और ये हमारे हित में है कि हम चीन से अच्छे रिश्ते रखें. चीन ने हमें ये आश्वासन दिया है कि ऐसा कुछ नहीं किया जाएगा, जिससे भारत के हित प्रभावित हो."

राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान विदेश मंत्री एसएम कृष्णा से इस मुद्दे पर सवाल पूछा गया था, लेकिन बीच में ही प्रधानमंत्री ने हस्तक्षेप करते हुए इसका जवाब दिया.

उनका कहना था कि चीन के स्वायत्त क्षेत्र तिब्बत से हो कर बह रही ब्रह्मपुत्र नदी पर बांध बनाने के मुद्दे पर कई बार चर्चा हो चुकी हैं.

ये एक पन बिजली परियोजना है जिसमें पानी का भंडारण नहीं किया जाता है.

पानी का भंडारण नहीं

उनका कहना था देशों के बीच नदियों का पानी बांटना एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, जिससे दिक़्कते भी हो सकती है. उनका कहना था चीन के आश्वासन दिए जाने के बाद मामले को तूल नहीं दिया जाना चाहिए और अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो इससे बेवज़ह रिश्तों में तनाव ही आएगा.

इससे पहले विदेश मंत्री ने कहा था कि सरकार ज़ॉगमू में हो रही गतिविधियों के बारे में जानती है और भारत ने चीन के साथ ये मु्द्दा पिछले साल प्रधानमंत्री वेन ज़िया बाओ की भारत यात्रा के दौरान उठाया था और इस पर चर्चा भी हुई थी.

कृष्णा का कहना था कि जब चीन की सरकार प्रधानमंत्री को आश्वस्त कर चुकी है, तो भारत उस वक्तव्य पर विश्वास करेगा.

उन्होंने कहा, "हमे चीन पर विश्वास भी है और हमने इस मामले की जांच-परख भी की है."

कृष्णा का कहना था कि वे इस बात से आश्वस्त है कि इस परियोजना के तहत पानी का भंडारण नहीं होगा लेकिन वे सीमा पर लागातार इसकी निगरानी भी रखेंगे.

कृष्णा का कहना था कि ब्रह्मपुत्र का 80 प्रतिशत हिस्सा भारतीय क्षेत्र में आता है. अरुणाचल प्रदेश और असम राज्यों के लिए ये अहम है कि वह इस नदी के पानी का इस्तेमाल करें.

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