फूट-फूटकर रोए यूपी के विधायक

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Image caption विधानसभा में रो पड़े विधायक

उत्तर प्रदेश विधान सभा के सेंट्रल हॉल में सोमवार को उस समय एक अजीबोगरीब स्थिति उत्पन्न हो गई, जब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एक विधायक मीडिया और कैमरों के सामने फूट-फूट कर रोए.

मीडिया के लोग विधान भवन के सेंट्रल हॉल में बैठकर विधान सभा की कार्यवाही देख सुन रहे थे.

तभी अचानक बुलंदशहर से बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर निर्वाचित विधायक भगवान शर्मा उर्फ गुड्डू पंडित इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए विशेष रूप से बने पोडियम पर आए और ज़ोर-ज़ोर से बोलने लगे कि वह राजनीति में नही थे.

लेकिन बहुजन समाज पार्टी ने उन्हें बुलाकर विधान सभा का टिकट दिया और उनके भाई को लोक सभा का टिकट दिया. लेकिन कुछ समय बाद ही उन पर एक के बाद एक फ़र्जी मुक़दमे लगाकर जेल भेजा गया. विधायक शर्मा का कहना है कि हर बार उन्हें अदालत से न्याय मिला.

ख़तरा

विधायक भगवान शर्मा उर्फ गुड्डू पंडित का आरोप है कि मायावती सरकार के कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह और ऊर्जा मंत्री राम वीर उपाध्याय बार-बार उनको फ़र्जी मुकदमों में फंसा रहे है और उनकी जान का भी ख़तरा है.

सवालों के जवाब में शर्मा ने आरोप लगाया कि कैबिनेट सचिव शेखर जाट बिरादरी के हैं और उनकी मिली भगत लोक दल नेता चौधरी अजित सिंह से है, क्योंकि उनके बसपा में आने से लोक दल का नुक़सान हुआ है.

विधायक शर्मा ने पत्रकारों को वह काग़ज़ात दिखाए, जिनमें ज़िला प्रशासन और केंद्रीय एजेंसियों ने उनकी हत्या के षड्यंत्र की रिपोर्ट देते हुए उनकी सुरक्षा बढाए जाने की सिफ़ारिश की.

लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें सुरक्षा नही दी. विधायक शर्मा का आरोप है कि कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह उन्हें मुख्यमंत्री मायावती से मिलने भी नही देते हैं.

पत्रकारों ने पूछा कि क्या अपनी बात मुख्यमंत्री से कही तो वे बोले, "मुलाक़ात तक तो होने नही देते. जब भी मैंने बहनजी के यहाँ मेसेज भेजे कैबिनेट सचिव बोले इधर आओ. क्यों समय माँगा? हमने कहा हमारी समस्या है तो बोले कुछ नही बैठे रहिए."

मामला

फिर उन्होंने पत्रकारों से सवाल किया, "ये कैसा सिस्टम है सर. ये कैसा सिस्टम है बताइए कि आज किसी को खड़ा कर दिया जाता है कि गुड्डू पंडित पर आरोप लगा दो. उसे जेल में डाल दो. हाथ पर हाथ रखकर डर की वजह से यूपी भवन में रह रहा हूँ."

अपनी बात कहते-कहते शर्मा रोने लगे और आंसू उनके गालों से नीचे लुढकने लगे. मीडया से गुहार लगाने के बाद विधायक शर्मा विधान सभा के अंदर गए और वहाँ भी ज़ोर-शोर से अपने उत्पीड़न का मामला उठाया.

याद दिला दें कि विधायक शर्मा दो दिन पहले ही बहुजन समाज पार्टी छोड़कर समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए हैं. समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने शर्मा की बात का समर्थन करते हुए आरोप लगाया कि कैबिनेट सचिव मंत्रियों और विधायकों को भी अपमानित करते रहते हैं.

सरकार की ओर से संसदीय कार्यमंत्री लालजी वर्मा ने विधायक शर्मा के आरोपों को ग़लत बताते हुए कहा कि वह अपराधी हैं और इसलिए उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जा रही है. लेकिन विधान सभाध्यक्ष सुखदेव राजभर ने विधायक को उनके आरोपों की जांच कराकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया.

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