यूपी में 'आरक्षण' पर रोक

  • 10 अगस्त 2011
आरक्षण फ़िल्म का विरोध इमेज कॉपीरइट AP
Image caption उत्तर प्रदेश सरकार ने आशंका जताई है कि इस फ़िल्म की रिलीज़ से आरक्षण का मुद्दा फिर सिर उठा सकता है

उत्तर प्रदेश की मायावती सरकार ने 'आरक्षण' फ़िल्म के प्रदर्शन पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है.

राज्य सरकार की एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह निर्णय सरकार की एक उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया. सरकार के अनुसार यह फिल्म 'विवादास्पद और बहस का मुद्दा' बन चुकी है.

विज्ञप्ति के अनुसार फ़िल्म देखने के बाद समिति ने कहा कि इस फिल्म के प्रदेश में प्रदर्शन से शांति व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है.

सरकार का कहना है कि यह निर्णय फ़िल्म में आपत्तिजनक संवादों के कारण लिया गया है. समिति का मानना है कि इन संवादों से समाज में वैमनस्य पैदा होने की प्रबल संभावना है.

इस समिति के अनुसार, "फ़िल्म आरक्षण में भारत के संविधान के अन्तर्गत राज्याधीन विभिन्न सेवाओं, शिक्षण संस्थाओं एवं अन्य अवसरों हेतु अनुसूचित जाति, जनजाति तथा अन्य पिछड़े वर्गों के आरक्षण के बिन्दु को उठाया गया है एवं फिल्म के विभिन्न पात्रों के माध्यम से इस मुद्दे के समर्थन एवं विरोध में तर्क प्रस्तुत किए गए हैं."

उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि पिछले वर्षों में देश में आरक्षण के विरोध और समर्थन में हुए विभिन्न आन्दोलनों से धन और जन की अपार हानि हो चुकी है. अनेक युवक-युवतियाँ आत्मदाह के प्रयास तक कर चुके हैं.

सरकार के मुताबिक़ इस फिल्म को लेकर विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों की ओर से आ रहे विचारों से 'आरक्षण' की विभिन्न व्यवस्थाओं पर सामाजिक रूप से स्वीकृत एवं संवैधानिक रूप से तय हो चुके मुद्दे के फिर उठ खड़े होने की प्रबल संभावना है.

पुनिया का विरोध

इस फिल्म को लेकर कांग्रेस सांसद और केन्द्रीय अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के अध्यक्ष पन्ना लाल पुनिया ने भी आपति व्यक्त की थी. पुनिया ने फ़िल्म के कुछ संवादों पर आपत्ति करते हुए उस पर रोक लगाने की मांग की थी.

पुनिया एक रिटायर्ड आईएएस अफ़सर हैं और मुख्यमंत्री मायावती के सचिव रह चुके हैं. लेकिन अब वह कांग्रेस पार्टी में हैं और अनुसूचित जाति के मुद्दों पर मायावती सरकार को घेरने का कोई मौक़ा नही छोड़ते.

समझा जाता है कि मायावती ने इसी मनोवैज्ञानिक दबाव में आरक्षण फ़िल्म पर दो महीने के लिए रोक लगाने का फैसला किया कि कहीं पुनिया और कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर राजनीतिक लाभ न उठा लें.

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