'सूरत पुलिस जुटा रही है मुसलमानों की जानकारी'

  • 12 अगस्त 2011
गुजरात में मुसलमान इमेज कॉपीरइट AP
Image caption गुजरात में मुसलमान संगठनों ने ऐसे सर्वेक्षण पर चिंता जताई है

गुजरात में मुसलमान संगठनों का कहना है कि सूरत पुलिस ख़ास तौर पर मदरसों, मस्जिदों और दरगाहों का ब्यौरा इकट्ठा कर रही है.

बीबीसी को मिली जानकारी के अनुसार सूरत पुलिस ने वहाँ पर एक फ़ॉर्म जारी किया है जिसमें इमामों के नाम और उनके स्थाई पते के साथ ही ये भी पूछा जा रहा है कि वे बरेलवी, तबलिग़ी जमात, अहले हदीस या देवबंदी में से किस समुदाय से जुड़े हैं.

इतना ही नहीं तबलीग़ी और देवबंदियों से ये भी पूछा जा रहा है कि क्या हाल में उनका कोई जलसा हुआ था और अगर हुआ था तो कब?

राज्य के मुसलमान प्रतिनिधियों ने इस तरह की छानबीन पर चिंता जताई है मगर सूरत पुलिस ऐसे किसी भी सर्वेक्षण से इनकार कर रही है.

सूरत के पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना ने इस तरह के फ़ॉर्म से इनकार करते हुए कहा, "ऐसा कुछ नहीं हो रहा है और मैं इसका खंडन करता हूँ."

मगर बीबीसी के पास वह फ़ॉर्म है और उसमें इस तरह की जानकारियाँ माँगी गई हैं.

आपत्ति

उस फ़ॉर्म में मदरसों के ख़र्चों का भी ब्यौरा माँगा गया है और ये भी पूछा गया है कि उनका फ़ंड आता कहाँ से हैं?

दावे के अनुसार मदरसों से कहा गया है कि वे छात्रों के नाम और उनके स्थाई पते के अलावा उनकी तस्वीरें भी पुलिस थाने में जमा कराएँ.

उस फ़ॉर्म में एक कॉलम कश्मीरी छात्रों के बारे में भी है और उनका भी ब्यौरा माँगा गया है.

स्थानीय संगठनों के अनुसार सूरत पुलिस सिर्फ़ इस फ़ॉर्म के ज़रिए ही नहीं बल्कि बाहर के लोगों और संस्थाओं से भी इस बारे में जानकारी जुटा रही है.

ऐसा क्यों किया जा रहा है इसकी कोई वजह नहीं बताई गई है मगर एक पुलिस अधिकारी का कहना है कि मुंबई में पिछले महीने हुए विस्फोट के बाद इस तरह की जानकारी जुटाने का काम शुरू हुआ है.

जमात-ए-उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना फ़ैज़ लातूरी ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा, "मुसलमान इससे गहरी चिंता में हैं और शनिवार को इस बारे में एक ज्ञापन भी सौंपा जाएगा."

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