तेलंगाना: कर्मचारियों की हड़ताल टली

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Image caption जिन विधायकों और सांसदों ने त्यागपत्र नहीं दिया है, उन पर भी दबाव बढाया जाएगा.

अलग तेलंगाना राज्य की माँग के लिए तेलंगाना क्षेत्र के सरकारी कर्मचारियों और अध्यापकों की प्रस्तावित हड़ताल को चार हफ़्ते के लिए टाल दिया गया है.

ये हड़ताल 17 अगस्त से शुरू होने वाली थी लेकिन गुरुवार को तेलंगाना संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक में इसे फ़िलहाल टालने का फ़ैसला किया गया.

कर्मचारियों के प्रतिनिधियों ने कहा है कि अब ये हड़ताल 6 सितंबर से शुरू होगी.

समिति के संयोजक प्रोफ़ेसर कोदंडा राम ने कहा कि मुसलमानों के रमज़ान और हिंदुओं के श्रावण मास को देखते हुए सभी वर्गों से अनुरोध किया गया कि ऐसे समय में इस हड़ताल को थोड़े दिनों के लिए टाल दिया जाए.

गुरुवार को हुई इस बैठक में तेलंगाना राष्ट्र समिति, भारतीय जनता पार्टी और कई दूसरे संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे.

इस्तीफ़े का दबाव

Image caption तेलंगाना राज्य के लिए कई बार उग्र प्रदर्शन हुए हैं.

कोदंडा राम ने कहा कि ये फ़ैसला एक रणनीति के तौर पर भी किया गया है क्योंकि तेलंगाना के सरकारी कर्मचारी और अध्यापक इस आंदोलन की एक बड़ी ताक़त हैं और पहले ही क़दम पर उनका उपयोग सही नहीं होगा.

लेकिन जहा तक आंदोलन के नए चरण का सवाल है, वो कार्यक्रम के अनुसार 17 अगस्त से ही शुरू हो जाएगा.

उन्होंने बताया कि इसी दिन हैदराबाद में एक महा धरना आयोजित किया जाएगा और उसके बाद गाँव गाँव जाकर इसका प्रचार किया जाएगा.

कोदंडा राम और टीआरएस नेता इ राजिंदर ने कहा कि इस आंदोलन में केवल सरकारी कर्मचारी ही नहीं बल्कि तेलंगाना समाज का हर तबक़ा भाग लेगा.

समिति ने घोषणा की है कि 4 या 5 सितंबर को एक महा रैली आयोजित की जाएगी जिसमें लाखों लोग भाग लेंगे और उसके बाद 6 सितम्बर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी.

कहा जा रहा है कि हड़ताल में सरकारी कर्मचारियों, अध्यापकों और मजदूरों के अलावा बहुत से लोग शामिल होंगें.

इस बीच जिन विधायकों और सांसदों ने त्यागपत्र नहीं दिया है, उन पर भी दबाव बढ़ाया जाएगा कि वे अनिश्चितकाल हड़ताल से पहले ही त्यागपत्र देकर इस आंदोलन में शामिल हो जाएं.

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