सुप्रीम कोर्ट पहुँचे प्रकाश झा

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निर्देशक प्रकाश झा ने फ़िल्म आरक्षण पर कुछ राज्यों में रोक लगाए जाने पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है. ये मामला दोपहर दो बजे सुप्रीम कोर्ट में आ रहा है. पंजाब, उत्तरप्रदेश और आंध्रप्रदेश ने फ़िल्म पर रोक लगाई है.

हालांकि इससे पहले प्रकाश झा अपनी विवादास्पद फ़िल्म में मामूली संपादन करने को तैयार हो गए थे. ये फ़िल्म शुक्रवार को रिलीज़ हुई है.

मुंबई में प्रकाश झा ने एक संवाददाता सम्मेलन में इस बात की जानकारी देते हुए कहा था कि वह विभिन्न राजनीतिक पार्टियों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए अपनी फ़िल्म में मामूली बदलाव करने को तैयार हैं.

झा का कहना था, "हम अपनी फ़िल्म में मामूली बदलाव करने को तैयार हो गए हैं.फ़िल्म से कुछ डॉयलॉग और दृश्य संपादित कर दिए गए हैं.आरक्षण एक ज़रुरत नहीं बल्कि एक सवैंधानिक सच्चाई है और हमने इसका बहुत सावधानी से फ़िल्म में चित्रण किया है."

जब उनसे ये सवाल पूछा गया कि पंजाब और उत्तरप्रदेश में इस फ़िल्म पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, तो उन्होंने जवाब देते हुए कहा,"हम इस मामले को दोस्ताना तरीक़े से सुलझाने की कोशिश कर रहें हैं. "

इस फ़िल्म में अमिताभ बच्चन, सैफ़ अली ख़ान, दीपिका पादुकोण, मनोज बाजपेयी और प्रतीक बब्बर मुख्य किरदार निभा रहे हैं.

नाराज़गी

फ़िल्म पर लगे प्रतिबंध से नाराज़ सुपर स्टार अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में इस पूरे प्रकरण पर नाख़ुशी ज़ाहिर की है.

अपने ब्लॉग में उन्होंने लिखा है,"ये जानने की कोशिश नहीं की गई कि इस फ़िल्म में क्या है ..ये मेरे और मेरे जैसे अन्य लोगों के डर को बल देता है कि हम शासन पर कितना विश्वास कर सकते हैं."

उत्तर प्रदेश में दो महीनों के लिए लगे प्रतिबंध पर अमिताभ बच्चन ने सवाल उठाया कि क्या क़ानून-व्यवस्था की दिक़्कत दो महीने बाद नहीं होगी.

अपने ब्लॉग में अमिताभ बच्चन ने लिखा है कि ऐसे में सेंसर बोर्ड की ज़रूरत ही क्या है.

वे कहते हैं, "सेंसर बोर्ड का गठन ही सांसदों और विधायकों ने मिलकर किया है.क्या आप जिसका चयन करते है उसी पर विश्वास नहीं करते हैं.इससे बेहतर ये रहेगा कि आप उस संस्था को हटा दे."

इस फ़िल्म का विरोध करने वालों का कहना है कि इस फ़िल्म में कुछ ऐसे दृश्य है जिससे लोगों की भावनाओं को ठेस पहुँच सकती है.

इस फ़िल्म के रिलीज़ होने से पहले उत्तरप्रदेश में राज्य सरकार की स्क्रीनिंग कमेटी ने आरक्षण को राज्य में न दिखाए जाने के संबंध में अपनी रिपोर्ट बुधवार को दी थी. सरकार ने इस फ़िल्म पर दो महीनों के लिए प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया था.

इस घटना के बाद पंजाब में भी शिरोमणी अकाली दल और भाजपा गठबंधन की सरकार ने कहा था कि इस मुद्दे पर जब तक राज्य की स्क्रीनिंग समिति की रिपोर्ट नहीं आ जाती तब तक इस फ़िल्म पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है.

इसी तर्ज़ पर गुरुवार को आंध्रप्रदेश ने भी इस फ़िल्म पर प्रतिबंध लगा दिया था.

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