गुजरात पर चिंता है: चिदंबरम

 पी चिदंबरम
Image caption चिदंबरम के बयान से केंद्र और गुजरात सरकार के बीच टकराव बढ़ने का आसार है

गुजरात में राज्य सरकार और आईपीएस अधिकारियों के बीच बढ़ते विवादों के बीच गृह मंत्री पी चिदंबरम ने एक नया पेंच डाल दिया है.

शुक्रवार को पत्रकारों से बात करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम ने एक सवाल के जवाब में कहा कि गुजरात में जिस तरह सरकार और आईपीएस अधिकारियों के बीच में जो कुछ भी हो रहा है, "वो चिंता का विषय है".

केंद्रीय गृहमंत्री से जब पूछा गया कि केंद्र सरकार मोदी सरकार की कार्रवाई का सामना कर रहे अधिकारियों की मदद के लिए कोई क़दम उठा सकती है, तो उन्होंने कहा, "नियमों में इसका प्रावधान है कि केंद्र सरकार एक ख़ास मौक़े पर ख़ास निर्णय ले. लेकिन इस नियम के लिए कोशिश आईपीएस अधिकारियों को करनी होगी."

पिछले कुछ दिनों से तीन आईपीएस अधिकारियों और राज्य की मोदी सरकार के अहम व्यक्तियों के बीच कई तनाव के क्षण आए हैं.

शिकायत

ताज़ा शिकायत उप महानिरीक्षक (डीआईजी) रजनीश राय ने मुख्यमंत्री मोदी के क़रीबी सहयोगी पूर्व पुलिस महानिदेशक पीसी पांडे के ख़िलाफ़ की है.

उन्होंने अपनी शिकायत में मोदी के एक और क़रीबी सहयोगी ओपी माथुर का भी नाम लिया है. रजनीश राय ने नरेंद्र मोदी के एक क़रीबी अधिकारी के ख़िलाफ़ शिकायतें की हैं और कहा है कि उन्होंने तुलसी प्रजापति 'फ़र्ज़ी मुठभेड़ मामले' का षडयंत्र रचा.

इससे पहले वरिष्ठ पुलिस अधिकारी संजीव भट्ट ने नरेंद्र मोदी सरकार के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में एक हलफ़नामा दायर किया था और इसके बाद सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया है.

इसके बाद गुजरात में डीआईजी रहे राहुल शर्मा के ख़िलाफ़ सरकार ने एक आरोप पत्र जारी कर दिया था.

उन्होंने गुजरात दंगों की जाँच के लिए वर्ष 2004 में बने नानावती आयोग और वर्ष 2010 में सुप्रीम कोर्ट की बनाई हुए विशेष जांच दल को गुजरात दंगों से जुड़ी कई अहम सूचनाएं व दस्तावेज़ सौंपे थे.

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