संयम बरतने की सलाह पर भड़का भारत

  • 12 अगस्त 2011
अन्ना हज़ारे इमेज कॉपीरइट AP

शांतिपूर्ण प्रदर्शनों से निपटने में अमरीका की ओर से मिली नसीहत पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है.

गुरुवार को विदेश मंत्रालय की नियमित ब्रीफ़िंग के दौरान प्रवक्ता विक्टोरिया न्यूलैंड ने एक सवाल के जवाब में कहा था कि भारत को शांतिपूर्ण प्रदर्शनों से निपटने में संयम बरतना चाहिए.

विक्टोरिया न्यूलैंड से ये पूछा गया था कि भारत में आजकल नियमित प्रदर्शन हो रहे हैं और पुलिस भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ और भ्रष्ट राजनेताओं के ख़िलाफ़ लोगों के शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को कुचल रही है, क्या वे इससे चिंतित हैं?

इस सवाल के जवाब में अमरीकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता विक्टोरिया न्यूलैंड का कहना था- जैसा कि आप जानते हैं कि हम दुनियाभर में शांतिपूर्ण और अहिंसक विरोध प्रदर्शनों के अधिकार का समर्थन करते हैं. भारत एक लोकतांत्रिक देश है और हम उम्मीद करते हैं कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनों से निपटने में उचित संयम बरतेगा.

नाराज़गी

सवाल पूछने वाले ने 16 अगस्त से अन्ना हज़ारे के प्रस्तावित अनशन का भी ज़िक्र किया और कहा कि भारत के स्वतंत्रता दिवस के बाद का दिन प्रदर्शनों के हिसाब से बड़ा हो सकता है, क्योंकि इस दिन भारत में भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ एक बड़ा प्रदर्शन होने वाला है.

लेकिन भारत ने अमरीकी विदेश मंत्रालय की टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में इसे ग़ैर ज़रूरी बताया गया है.

भारतीय विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है- हम अमरीकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता का ग़ैर ज़रूरी बयान देखा है, जो उन्होंने भारत में शांतिपूर्ण प्रदर्शनों से निपटने पर दिया है. भारतीय संविधान में विचारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, शांतिपूर्ण सभा का उल्लेख है, जिसका इस्तेमाल भारत के 1.2 अरब नागरिक करते हैं.

ग़ौरतलब है कि लोकपाल विधेयक को लेकर अन्ना हज़ारे और केंद्र सरकार में काफ़ी मतभेद हैं और अन्ना हज़ारे ने 16 अगस्त से अनशन शुरू करने की चेतावनी दी है.

जून में काले धन को लेकर बाबा रामदेव दिल्ली के रामलीला मैदान में अनशन पर बैठे थे और दिल्ली पुलिस ने उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई करके अनशन बंद करा दिया था. दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की काफ़ी आलोचना हुई थी.

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