मोदी ने पीएम से चिदंबरम की शिकायत की

नरेंद्र मोदी
Image caption दंगों से जुड़े मामलों में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के हलफ़नामे ने मोदी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं.

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को एक ख़त लिखकर उनसे गृहमंत्री पी चिदंबरम की शिकायत की है.

मोदी की शिकायत चिदंबरम के गुजरात सरकार के आईपीएस अधिकारियों के मुद्दे पर दिए गए बयान से है.

ग़ौरतलब है कि शुक्रवार को चिदंबरम ने कहा था कि अगर गुजरात के प्रभावित आईपीएस अधिकारी आग्रह करते हैं तो ऐसे नियम मौजूद हैं जिसके तहत केंद्र सरकार इस मामले में दख़ल दे सकती है.

शनिवार को लिखे पत्र में नरेंद्र मोदी ने चिदंबरम के उसी बयान पर कहा है कि गृहमंत्री राज्य के काम काज में दख़ल देने की कोशिश कर रहें हैं.

मोदी ने कहा कि चिदंबरम राज्य की पुलिस फ़ोर्स में अनुशासनहीनता को बढ़ावा दे रहें हैं.

लेकिन मोदी ने सिर्फ़ चिदंबरम की शिकायत तक ही ख़ुद को सीमित नहीं रखा. उन्होंने कांग्रेस पार्टी और केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा.

मोदी ने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली केंद्र की यूपीए सरकार गुजरात की निर्वाचित सरकार को अस्थिर करने की साज़िश रच रही है.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से इस मामले में सीधे दख़ल देने की अपील करते हुए मोदी ने कहा कि उन्हें अपने मंत्रियों को इस तरह के बयान ना देने का निर्देश देना चाहिए.

शनिवार को ही दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने भी कांग्रेस पर नरेंद्र मोदी सरकार को निशाना बनाने का आरोप लगाया.

पार्टी की प्रवक्ता निर्मल सीतारमण ने कहा, ''भाजपा गुजरात के इन तीन पुलिस अधिकारियों के मामले में केंद्रीय गृहमंत्री के शुक्रवार के बयान की निंदा करती है.''

सीतारमण ने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य उन बेबुनियाद बातों को उठाकर अधिकारियों के बीच द्वेष और विद्रोह पैदा करना है, जो पूरी तरह अनुशासनात्मक मामले हैं और जिनकी क़ानून की स्थापित प्रक्रिया के तहत जांच हो रही है.

कार्रवाई

शनिवार को ही गुजरात सरकार ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारी डीआईजी राहुल शर्मा को कदाचार के मामले में आरोप-पत्र दिया.

राज्य़ सरकार ने उन पर गोधरा कांड के बाद राज्य में हुए दंगों के दौरान के फ़ोन कॉल रिकॉर्ड की सीडी को दंगों के जांच अधिकारियों को नहीं सौंपने का लगाया है.

शर्मा पर ये भी इलज़ाम लगाया गया है कि उन्होंने उस सीडी की एक कॉपी अपने निजी कंप्यूटर में डाउनलोड कर रखी थी जिसे बाद में उन्होंने सरकार को बताए बेग़ैर नानावटी आयोग और सुप्रीम कोर्ट के ज़रिए गठित एसआईटी को सौंप दी थी.

इससे कुछ ही दिन पहले एक और आईपीएस अधिकारी डीआईजी रजनीश राय ने सरकार के ख़िलाफ़ केंद्रीय प्रशासनिक ट्राइब्यूनल का दरवाज़ा खटखटाया था. रजनीश राय ने अपने हलफ़नामें मे कहा था कि तत्कालीन डीजीपी पीसी पांडेए ने जानबूझकर उनके एसीआर यानि वार्षिक रिपोर्ट कार्ड को खराब कर दिया था.

इससे पहले पिछले सप्ताह राज्य सरकार ने एक और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट को निलंबित कर दिय है. संजीव भट्ट पर

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